UP: संजय सिंह बोले- चंपत राय को क्लीन चिट क्यों दी? जांच सही नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन प्रकरण में कथित क्लीन चिट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एसआईटी को 26 दस्तावेज सौंपने के लिए समय मांगा है। संजय सिंह ने निष्पक्ष जांच नहीं होने पर सभी साक्ष्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी।
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आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन प्रकरण में चंपत राय और अनिल मिश्रा को एसआईटी की ओर से कथित तौर पर क्लीन चिट दिए जाने की खबरों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सुप्रीम कोर्ट की ओर से एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने की बात सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने की खबरें प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने दोनों के बीच कथित अंतर्विरोध को स्पष्ट करने की मांग की।
संजय सिंह ने एसआईटी अध्यक्ष किरन यस को पत्र लिखकर जमीन प्रकरण से जुड़े 26 दस्तावेज सौंपने के लिए 20 से 23 अगस्त के बीच समय मांगा है। उनका दावा है कि इनमें 13 पुराने और 13 नए दस्तावेज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज जांच को वास्तविक निष्कर्ष तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
24 करोड़ की जमीन खरीदे जाने का आरोप लगाया
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चंपत राय के हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों में जमीन की खरीद को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं। उनका दावा है कि दो करोड़ रुपये की जमीन पांच मिनट के भीतर साढ़े 18 करोड़ रुपये में खरीदी गई। उन्होंने नौ करोड़ की जमीन 55 करोड़ और 1.73 करोड़ रुपये की जमीन 24 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का भी आरोप लगाया।
कथित तौर पर क्लीन चिट पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने कहा कि यदि मामला अभी जांच के स्तर पर है और सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है तो कथित तौर पर क्लीन चिट दिए जाने की खबरों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपियों को बचाना राम भक्तों के साथ विश्वासघात है।
सुबूत लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी
आप सांसद ने कहा कि वह जांच में सहयोग करना चाहते हैं और इसी वजह से एसआईटी को सभी दस्तावेज सौंपने के लिए समय मांग रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं हुई तो वह सभी सुबूत लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले से जुड़े तथ्य जनता के सामने रखेंगे और एसआईटी से पूर्व में सौंपे गए दस्तावेजों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी मांगेंगे।