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UP News: चयन एमओसीएच पद पर, तैनाती मिली आयुर्वेद विभाग में, 16 साल से चल रहा गड़बड़झाला

चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 17 Mar 2026 10:45 AM IST
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सार

2003 में निकली भर्तियों में एक ही वर्ष में दोनों का चयन होने  से आयुर्वेद निदेशालय में अजब खेल हुआ। पांच चिकित्साधिकारियों को मुख्य चिकित्साधिकारी (एलोपैथ) के अधीन भेजने के बजाय आयुर्वेद विभाग में तैनाती दे दी गई। पांच में से दो की एसीपी फंसी तो मामले का खुलासा हुआ है।

UP: Selected for the post of MOCH, posted in the Ayurveda department
- फोटो : amar ujala
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विस्तार

आयुर्वेद विभाग में चिकित्साधिकारियों की भर्ती में मनमानी का खुलासा हुआ है। वर्ष 2009 में लोक सेवा आयोग से चिकित्साधिकारी (सामुदायिक स्वास्थ्य) के पद पर चयनित चिकित्सकों को आयुर्वेद विभाग में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनाती दे दी गई। वे करीब 16 साल से नौकरी कर रहे हैं।

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लोक सेवा आयोग से वर्ष 2003 में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी और आयुर्वेदिक- यूनानी चिकित्साधिकारी की भर्ती निकली। वर्ष 2008 में परिणाम आया और वर्ष 2009 में नियुक्ति दी गई। आयुर्वेदिक- यूनानी चिकित्साधिकारी का ही कैडर चिकित्साधिकारी (सामुदायिक स्वास्थ्य) यानी एमओसीएच है। इनकी तैनाती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन होती है। इन्हें वेतन भी स्वास्थ्य विभाग देता है। जबकि आयुर्वेद चिकित्साधिकारी की तैनाती आयुर्वेद विभाग के अधीन स्थित विभिन्न चिकित्सालयों में होती है।
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2003 में निकली भर्तियों में एक ही वर्ष में दोनों का चयन होने  से आयुर्वेद निदेशालय में अजब खेल हुआ। पांच चिकित्साधिकारियों को मुख्य चिकित्साधिकारी (एलोपैथ) के अधीन भेजने के बजाय आयुर्वेद विभाग में तैनाती दे दी गई। इनमें तीन को सुनिश्चित कॉरियर तरक्की (एसीपी) लाभ भी दे दिया गया, जबकि दो छूट गए। मामला तब फंसा जब छूटे हुए दो चिकित्साधिकारियों ने खुद को एसीपी लाभ देने के लिए आवेदन किया। इस बीच वरिष्ठता सूची में भी इनका नाम शामिल नहीं हुआ, जबकि एमओसीएच की वरिष्ठता सूची में इनका नाम शामिल है। यही से इस गड़बड़झाले का खुलासा हुआ।

निदेशालय ने शासन को भेजा पत्र
आयुर्वेद निदेशालय ने 17 मई 2024 को शासन को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि डा. रचना, डा. वंदना वर्मा, डा. रंजना गौतम, डा. अर्चना साहू और डा. सूर्यबली का चयन चिकित्साधिकारी (सामुदायिक स्वास्थ्य) के पद पर हुआ है। इनके चयन संस्तुति के विपरीत इनकी नियुक्ति आयुर्वेद चिकित्साधिकारी पद पर हुई है। शासन द्वारा वरिष्ठता सूची जारी की गई है, जिसमें इनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया है। इनका नाम 22 सितंबर 2023 को शासन द्वारा प्रख्यापित चिकित्साधिकारी (सामुदायिक स्वास्थ्य) की अनंतिम वरिष्ठता सूची में शामिल हैं। ऐसे में शासन मार्गदर्शन करे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार का कहना है कि मामला पुराना है। किन परिस्थितियों में गलत नियुक्ति हुई, इसकी जांच कराई जाएगी। आयुर्वेद निदेशक डॉ. नारायण दास का कहना है कि शासन से दिशा- निर्देश मांगा गया है। उच्चस्तरीय फैसले के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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