UP: सरकारी जमीन से कब्जा हटाने में अनियमितता पर तीन एसडीएम निलंबित, चंदौली में तहसीलदार रहते की थी अनियमितता
चंदौली जमीन में गड़बड़ी मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में तीन एसडीएम निलंबित को निलंबित कर दिया है।
विस्तार
चंदौली जिले के पंडित दीन दयाल नगर (मुगलसराय) में गांव समाज और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के पक्ष में नियमों के खिलाफ आदेश पारित करने के मामले में सरकार ने तीन एसडीएम लालता प्रसाद, सतीश कुमार और विराग पांडेय को निलंबित कर दिया है।
मौजूदा समय में सतीश कुमार एटा, लालता प्रसाद गाजियाबाद और विराग पांडेय बुलंदशहर में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम देवराज ने तीनों का निलंबन आदेश जारी कर दिया है। तीनों अधिकारियों को आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
डीएम ने छानबीन किया तो पता चला...
निलंबन आदेश के मुताबिक ये मामला उस समय का है जब ये तीनों अधिकारी पंडित दीन दयाल नगर में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। डीएम चंदौली चन्द्रमोहन गर्ग ने निस्तारित पत्रावलियों के निरीक्षण के दौरान यह अनियमितता पकड़ी थी।
आदेश के मुताबिक निरीक्षण के दौरान डीएम को पता चला कि कई पत्रावलियों में बेशकीमती खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, परती व बंजर भूमि पर अवैध कब्जा हटाने को लेकर जारी आरसी को गुपचुप तरीके से वापस ले लिया गया है। डीएम ने छानबीन किया तो पता चला कि इन पत्रालियों में पहले से ही बेदखली का आदेश पारित हो चुका है।
अब जानें पूरा मामला
इस अनियमितता के सामने आने पर डीएम ने एडीएम न्यायिक, एसडीएम चकिया और एसडीएम चंदौली की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर ऐसे सभी प्रकरणों की जांच कराई थी। जिसमें पाया गया कि तहसीलदार के पद पर तैनात ये तीनों अधिकारियों ने पीठीसीन अधिकारी की हैसियत से सार्वजनिक व गांव सभा की संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में पहले जारी हुए वसूली आदेश के खिलाफ अवैध कब्जेदारों के पक्ष में आदेश जारी किए गए हैं।
इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। डीएम ने जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से की थी। इसके आधार पर नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
