यूपी: कारोबारी की हत्या की सुपारी लेने वाले दो शूटर-चार साजिशकर्ता गिरफ्तार, संपत्ति हड़पने का था मकसद
लखनऊ में कारोबारी और मदरसा संचालक की हत्या की सुपारी लेने वाले दो शूटरों समेत चार साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों का मकसद कारोबारी की संपत्ति हड़पना था। गिरफ्तार लोगों में दो अधिवक्ता और मदरसा प्रबंधक भी शामिल हैं। पुलिस ने हथियार, मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद की है।
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हजरतगंज के डालीगंज स्थित रिवेरा कॉलोनी निवासी कारोबारी व मदरसा संचालक इरफान अहमद की हत्या की सुपारी लेने वाले दो शूटरों और चार साजिशकर्ताओं को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एडीसीपी मध्य जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि दोनों शूटर सआदतगंज निवासी मो. शाहिद और चौक निवासी मो. जमीर 18 अगस्त को पकड़े गए थे। उनसे हुई पूछताछ के बाद साजिशकर्ता भी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
साजिशकर्ताओं में दो अधिवक्ता और इरफान अहमद के एक मदरसे का मैनेजर भी शामिल है। एडीसीपी मध्य जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि शूटरों के पास से इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन से चोरी की गई एक बाइक, एक पिस्टल और मोबाइल फोन बरामद हुआ था।
पूछताछ में दोनों ने कारोबारी इरफान अहमद की हत्या के लिए उन्हें दो लाख रुपये की सुपारी मिलने की बात कबूली थी। सुपारी देने की बालों में सआदतगंज निवासी वाहन फाइनेंसर अमन कुरैशी, चौक निवासी अधिवक्ता सुहैल अहमद सिद्दीकी, अधिवक्ता मो. फरहान और ठाकुरगंज के फरीदीपुर निवासी मदरसा मैनेजर कारी बिलाल हाशमी शामिल थे।
कारोबारी की संपत्ति हड़पना था आरोपियों का मकसद
हजरतगंज रजनीश वर्मा ने बताया पूछताछ में पता चला कि दुबग्गा, चौक और ठाकुरगंज में इरफान अहमद के मदरसे हैं। दुबग्गा वाले मदरसे में आरोपी कारी बिलाल मैनेजर है। जम्मू-कश्मीर में भी कारोबार है। एसीपी ने बताया कि इरफान के पिता नदवा कॉलेज में ट्रस्टी थे। उनकी मौत के बाद इरफान ट्रस्टी बने थो।
इरफान की एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी विदेश में रहती है। इरफान के भाई भी विदेश में हैं। ऐसे में इरफान ही पूरी संपत्ति के मालिक हैं। पुलिस के मुताबिक, संपत्ति की लालच में विलाल ने दोनों अधिवक्ताओं के साथ मिलकर इरफान की हत्या की योजना बनाई। दोनों अधिवक्ताओं ने अमन से शूटरों की व्यवस्था करने को कहा। अमन ने शाहिद और जमीर को इस काम के लिए तैयार किया।