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यूपी: प्रदेश में अब अविवाहित बहन भी होगी पारिवारिक पेंशन की हकदार, कोर्ट के फैसले से इन्हें मिली राहत

Wed, 28 Oct 2026 10:02 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 28 Oct 2026 10:02 PM IST
सार

Pension decisions in UP: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सेवा मामले में दिए अहम फैसले में स्पष्ट किया कि मृतक सरकारी कर्मचारी की अविवाहित बहन भी पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार है।

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UP: Unmarried sisters in the state will now be entitled to family pension, a court decision has brought relief
लखनऊ बेंच का बड़ा फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सेवा मामले में दिए अहम फैसले में स्पष्ट किया कि मृतक सरकारी कर्मचारी की अविवाहित बहन भी पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार है। कोर्ट ने मृतक सरकारी कर्मचारी की अविवाहित बहन को पारिवारिक पेंशन देने से इनकार करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि वैधानिक सेवा नियमों को सरकारी आदेश द्वारा रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने अधिकारियों को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान करने का भी निर्देश दिया।

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न्यायमूर्ति मनीष कुमार की एकल-न्यायाधीश पीठ ने शमीम खान द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। याची के दिवंगत भाई ने अपनी सेवा पुस्तिका में उन्हें पारिवारिक पेंशन के लिए नामित किया था।
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23 दिसंबर, 2016 के एक सरकारी आदेश के आधार पर 5 दिसंबर, 2025 को याची के दावे को खारिज कर दिया गया था, जिसमें एक अविवाहित बहन को मृतक कर्मचारी के परिवार की परिभाषा से बाहर रखा गया था।
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सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सेवानिवृत्ति लाभ नियम, 1961 के नियम 3(5) का हवाला दिया, जिसमें अविवाहित और विधवा बहनों को परिवार की परिभाषा में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने भी इस बात पर विवाद नहीं किया कि खान मृतक कर्मचारी की अविवाहित बहन हैं।

न्यायालय ने टिप्पणी की कि संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए वैधानिक सेवा नियमों को कार्यकारी आदेशों या सरकारी निर्देशों के माध्यम से संशोधित या निष्क्रिय नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे नियमों में किसी भी संशोधन के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।


खान के दावे को खारिज करने वाले आदेश को रद्द करते हुए, अदालत ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि वे कर्मचारी की मृत्यु की तिथि 15 मई, 2024 से वास्तविक भुगतान होने तक पारिवारिक पेंशन के बकाया का भुगतान छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित सुनिश्चित करें। कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करने या प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर भुगतान प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

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