UP: राजधानी में युवक की मौत पर ग्रामीणों का हंगामा-बवाल, सड़क पर लाश रखकर पांच घंटे बैठे; लगा भीषण जाम
युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर कई घंटे तक प्रदर्शन किया, जिससे लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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बंथरा थाना क्षेत्र में बीते दिनों मामूली बात पर हुई पिटाई से घायल युवक की मंगलवार तड़के मौत हो गई, जिससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने रोड पर शव रखकर जाम प्रदर्शन कर दिया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस के काफी समझाने पर कई घंटे बाद वह माने।
बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बंथरा के मवई पड़ियाना निवासी रामकुमार रावत के मुताबिक उसका बड़ा बेटा जितेन्द्र कुमार (32) मजदूरी करता था। जितेन्द्र बीती 27 जून शनिवार को अपनी बाइक बनवाने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मवई चौराहे पर जा रहा था। तभी रास्ते में सामने से आ रही गांव के महिपाल रावत की एक बकरी को उसकी बाइक से मामूली टक्कर लग गई।
जितेन्द्र की डंडों से बुरी तरह पिटाई की
आरोप है कि इस पर महिपाल और उसके भतीजे अनीस ने जितेन्द्र की डंडों से बुरी तरह पिटाई कर दी। सिर में डंडा लगने से जितेंद्र का सिर फट गया और वह लहू लुहान होकर वहीं गिर पड़ा। बाद में सूचना पाकर पहुंचे परिजनों ने जितेन्द्र को दुबग्गा स्थित न्यू लखनऊ सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
परिजनों का कहना है कि बाद में वह बंथरा थाने पर मुकदमा दर्ज कराने गए तो वहां पुलिस ने आरोपी पक्ष से घायल के इलाज का खर्च दिलाने की बात कहकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी पक्ष ने आधा अधूरा इलाज कराकर अस्पताल में पैसे देना बंद कर दिया, जिस पर अस्पताल प्रशासन ने सोमवार शाम जितेंद्र की अस्पताल से छुट्टी कर दी।
तब परिजन जितेन्द्र को उसकी बहन पिंकी के घर खुशहालगंज लेकर चले आए, जहां मंगलवार तड़के करीब 4 बजे जितेन्द्र की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इसके बाद वह सुबह करीब 6 बजे बंथरा थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। जिसके बाद उन्होंने सुबह करीब 8 बजे गांव के पास फतेहगंज - नारायणपुर रोड स्थित मवई चौराहे पर जितेंद्र का शव रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पाकर बंथरा थाना प्रभारी राणा राजेश सिंह अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, मगर परिजन और ग्रामीण नहीं माने। उसके बाद एसीपी कृष्णानगर अभिषेक कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन जाम प्रदर्शन कर रहे लोग मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद के रूपमें 40 लाख रुपए के अलावा आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया
हालांकि बाद में पुलिस ने मृतक के पिता रामकुमार की तहरीर पर महिपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग एफआईआर में दो अन्य आरोपियों के नाम बढ़ाए जाने के साथ उनकी जल्द गिरफ्तारी करने की मांग करने लगे।
हालाकि बाद में एसीपी ने एफआईआर कॉपी दिखाने के साथ अन्य दो आरोपियों के नाम बढ़ाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। तब दोपहर करीब 1:30 बजे जाम प्रदर्शन खत्म हो सका। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।