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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Yogi covered 100 assembly seats across 18 divisions in two months; the CM has left the opposition far behi

UP: दो महीने में योगी ने नाप डाली 18 मंडलों की 100 विधानसभा सीटें, दौरे के लिहाज ने विपक्ष को काफी पीछे छोड़ा

Thu, 30 Jul 2026 11:02 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 30 Jul 2026 11:02 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने दो महीनों में प्रदेश के सभी मंडलों और सौ से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। जनसभाओं और जनसंवाद के जरिए जनता से जुड़ाव बढ़ाया। चुनाव से पहले उनकी सक्रियता विपक्षी दलों की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है।

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UP: Yogi covered 100 assembly seats across 18 divisions in two months; the CM has left the opposition far behi
सीएम योगी का नया प्लान। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राजनीतिक दलों की ओर से हो रही चुनावी तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यों को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में जुटे हैं। विधानसभा चुनाव होने में अब कुछ ही महीने बाकी हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ने जनसंपर्क और सभाओं के जरिए सरकार की योजनाओं और घोषणाओं की जमीनी स्थिति परखने को जिला, मंडल और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है। बीते दो महीनों में सीएम ने 100 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का जहां दौरा पूरा कर लिया है। वहीं, सभी 18 मंडलों में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का पहला चरण भी पूरा कर लिया है।

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खास बात यह है कि अपने अब तक के दौरे में सीएम ने विकास के लिहाज से कई बड़े काम भी किए। अरबों की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया है। साथ ही आम जनता से संवाद के जरिए जुड़े भी। महज 45 दिनों में ही सीएम ने यूपी में पूर्व से पश्चिम और बुंदेलखंड तक और बिजनौर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, मैनपुरी, बनारस से गोरखपुर तक दौरे का चक्र पूरा कर लिया है।
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देखा जाए तो योगी ने पार्टी के कार्यक्रमों के साथ ही प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात, कानून-व्यवस्था की समीक्षा हो और रोजाना का सरकारी कामकाज निपटाने पर ही खास फोकस करते दिखे हैं। सरकार, संगठन और जनता, तीनों स्तरों पर सीएम की सक्रियता के कई मायनें में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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मार्च में अखिलेश ने की थी आखिरी जनसभा

राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा अध्यक्ष के दौरे की तुलना में सीएम काफी आगे निकल चुके हैं। सपा अध्यक्ष ने बीते मार्च में दादरी में सार्वजनिक रैली की थी। बीते चार महीने में विपक्ष की कोई बड़ी रैली नहीं हुई है।

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी में आखिरी बड़ी रैली पिछले साल 9 अक्तूबर को की थी। चुनाव नजदीक होने के बावजूद भाजपा और सपा की तुलना में बसपा जमीन पर सबसे कम सक्रिय दिख रही है। जबकि सीएम योगी ने पूरे प्रदेश का एक चक्र पूरा कर चुके हैं।

 

100 और एक' का फर्क

रैलियों के लिहाज से आंकड़े देखें तो योगी और अखिलेश में '100 और एक' का फर्क साफ नजर आता है। योगी की इसी जमीनी सक्रियता का नतीजा है कि दो टर्म के शासन के बाद भी उनकी लोकप्रियता पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।

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