शीतकालीन सत्र : सीएम योगी ने कहा, मुलायम सिंह का निधन भारतीय राजनीति के संघर्षशील युग का अंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलायम सिंह ने करीब पांच दशक से अधिक समय तक राजनीति की। रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक भेजने की व्यवस्था शुरू की। मुलायम सिंह साधारण ग्रामीण परिवेश से आए थे, लेकिन उपलब्धियां असाधारण थीं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन से भारतीय राजनीति में एक संघर्षशील युग का अंत हो गया। प्रदेश से लेकर देश की राजनीति में उनकी उपलब्धियां और स्मृतियां सदैव जीवित रहेंगी। विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को दोनों सदनों में मुलायम सिंह यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलायम सिंह ने करीब पांच दशक से अधिक समय तक राजनीति की। रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक भेजने की व्यवस्था शुरू की। मुलायम सिंह साधारण ग्रामीण परिवेश से आए थे, लेकिन उपलब्धियां असाधारण थीं। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि मुलायम सिंह के निधन से प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ और समाजसेवी खोया है।
सपा विधायक दल के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का निधन समाजवादी आंदोलन की अपूरणीय क्षति है। वह विरोधियों को भी अपना बनाना जानते थे। सभी दलों के नेताओं से उनके संबंध मधुर थे। सपा विधायक महबूब अली ने कहा कि हाई स्कूल के पाठ्यक्रम में मुलायम सिंह यादव के जीवन को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, अपना दल (एस) के आशीष पटेल, रालोद के अजय कुमार, निषाद पार्टी के संजय निषाद और बसपा के उमाशंकर सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा में पूर्व विधायक चंद्रपाल, डॉ. गंगा सिंह बख्श और बदन सिंह के निधन पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
1990 में मुलायम सरकार में भी चला था तीन दिन का सत्र : खन्ना
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 1990 में तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार में भी 5 से 7 मार्च तक केवल तीन दिन सत्र चला था। बसपा सरकार में 2009 में लालजी वर्मा तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री थे। उस समय केवल 13 दिन सदन चला था। सोमवार को विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सपा विधायक लालजी वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार केवल तीन दिन का शीतकालीन सत्र आयोजित कर रही है। यह पहली बार होगा। इस पर खन्ना ने मीडिया के सामने वर्मा पर पलटवार करते हुए दस्तावेज पेश किए।
विधानभवन के नए कॉरिडोर का उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को विधान भवन के नवनिर्मित कॉरिडोर का उद्घाटन किया। महाना ने उन्हें कॉरिडोर का निरीक्षण कराते हुए वहां लगाई गई तस्वीरों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद थे।
विधान परिषद परिसर में सीएम ने किया तैल चित्रों का अनावरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद के परिसर में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर के तैलचित्रों का अनावरण किया और नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक समेत कई मंत्री उपस्थित रहे।
प्रत्येक जिले में स्थापित होगी अभ्युदय लाइब्रेरी
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने अलीगंज स्थित उपाम के सभागार में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की समीक्षा बैठक की। इसमें सभीजिला समाज कल्याण अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। इस अवसर पर अभ्युदय योजना के अंतर्गत पोर्टल एवं ई-लर्निंग कंटेंट विकसित किए जाने की जिम्मेदारी उपाम को दी गई। विद्यार्थियों के विषय से संबंधित संशय दूर किए जाने के लिए संपर्क केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। प्र्रत्येक जिले में अभ्युदय लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव, समाज कल्याण डॉ. हरिओम योजना की नियमित समीक्षा पर जोर दिया।
दमकते सूरज की तरह थे नेताजी मुलायम सिंह यादव : केशव
विधान परिषद में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के देश और प्रदेश के विकास के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। सदस्यों ने उन्हें धरती का लाल बताते हुए कहा कि विरोधियों को भी गले लगाने की अद्भुत क्षमता थी उनमें। ऐसा व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
नेता सदन व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुलायम सिंह यादव दमकते सूरज की तरह थे। राजनीति के माध्यम से जो सेवा करना चाहते हैं, वे उनके लिए प्रेरणा के पुंज थे। सपा दल केनेता लाल बिहारी यादव ने कहा कि 1100 जूनियर हाईस्कूलों को अनुदान पर लेकर उन्होंने बड़ा काम किया था। बसपा के भीमराव अंबेडकर ने उन्हें राजनीतिक परिस्थितियों को संभालने में सिद्धहस्त बताया। सदस्य अक्षय प्रताप सिंह, सुरेश त्रिपाठी और राजबहादुर सिंह चंदेल ने उन्हें महान नेता बताया।
सपा सदस्य नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि नेताजी संविधान की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाने से भी नहीं चूकते थे। देवेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें असाधारण प्रतिभा का धनी बताया। भाजपा के जयपाल सिंह व्यस्त, लक्ष्मण आचार्य व डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व के नेता को भुला पाना संभव नहीं। आशुतोष सिन्हा और ध्रुव त्रिपाठी ने उन्हें कार्यकर्ताओं व जनता के लिए जी-जान से जुटने वाला नेता बताया। विधान परिषद के पूर्व सदस्य डॉ. रामकुमार कुरील, रमेश चंद्र शर्मा विकट और रामसुंदर दास निषाद के निधन पर भी सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह समेत सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।