Anuppur: मोजरवेयर कंपनी में भूस्वामियों के रोजगार को लेकर विधानसभा में उठा मामला, अनूपपुर विधायक ने कही ये बात
अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने जैतहरी में संचालित मोजरवेयर पावर प्लांट को लेकर विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान व्याप्त अव्यवस्था एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।
विस्तार
हिंदुस्तान पावर प्लांट (मोजर बेयर) जैतहरी प्रभू अर्जन के पश्चात भूस्वामियों के आश्रितों को रोजगार प्रदान नहीं किए जाने एवं मनमानी किए जाने के मामले को लेकर अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए इस पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा। अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री से प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि हिंदुस्तान पावर प्लांट में भूअधिग्रहण के पश्चात कितने लोगों को रोजगार दिया गया।
कंपनी ने भू अर्जन की शर्तों का पालन किया कि नहीं इसके साथ ही अभी तक कितने स्थानीय बेरोजगारों को किन-किन पंचायत से किस-किस जनप्रतिनिधि की अनुशंसा पर रोजगार दिलाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाए की कंपनी में बाहरी दलाल को कार्य दिया जा रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि 20 मई 2015 से कंपनी का वाणिज्यिक संचालन किया गया है। इसकी स्थापना के लिए अनूपपुर जिले के ग्राम जैतहरी, लहरपुर, अमगवा , गुवारि, बेलिया, क्योटार, रोहिला कछार, कुसुमहाई, चोलना, कुकुर गोडा, धुरवाशिन, पडौर और कोटमी की भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें अभी तक कंपनी में लगभग 1563 स्थानीय व्यक्ति कंपनी में कार्यरत हैं। जो कि भू अर्जन से प्रभावित ग्रामों के किसान एवं जिले के ही निवासी हैं। विभिन्न निर्माण एवं निविदा से संबंधित कार्य स्थानीय लोगों को भी दिया जाता है। लेकिन स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के जरिए यह कार्य कराया जाता है।
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स्थानीय सांसद एवं विधायक की उपेक्षा के कंपनी पर लगाए आरोप
अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने हिंदुस्तान पावर प्लांट प्रबंधन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से प्रश्न किया गया कि क्या कंपनी ने कभी भी स्थानीय विधायक और सांसद को कंपनी के अंदर आमंत्रित किया गया है और न ही प्रभावित क्षेत्र में किए गए अनुबंध अनुसार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण जन जागरुकता से संबंधित प्रस्ताव ही मांगा गया और न ही उनके द्वारा भेजे गए प्रस्ताव अनुसार कोई कार्रवाई की गई।
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ऐसा न करने के पीछे कंपनी का क्या उद्देश्य है। स्थानीय विधायक एवं सांसद की उपेक्षा करने एवं उनके प्रस्ताव को नहीं मानने पर शासन कंपनी के विरुद्ध क्या कार्रवाई करेगी। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कंपनी सुविधा अनुसार सांसद विधायकों को विशेष अवसरों पर आमंत्रित करती है। प्रभावित क्षेत्र में सीएसआर मद से विभिन्न विकास कार्य कराए जाते हैं। सीएसआर के अंतर्गत कार्यों को क्रियान्वित करने राज्य शासन की भूमिका के संबंध में कोई व्यवस्था नहीं है।
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