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Betul: अधूरे मकान ने ली जान! सुसाइड नोट के आधार पर ठेकेदार गिरफ्तार; पूरी रकम लेने के बाद भी नहीं बनाया घर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
Published by: बैतूल ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 09:36 PM IST
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सार
बैतूल के सारणी क्षेत्र में मकान निर्माण अधूरा रहने से मानसिक तनाव में आए छतनलाल पवार ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ठेकेदार मानव राम को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के बैतूल जिलांतर्गत आने वाले सारणी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक आत्महत्या प्रकरण में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया था।
जानकारी के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को पाथाखेड़ा स्थित संत रविदास कॉलोनी निवासी रामप्रसाद पवार ने थाना सारणी में सूचना दी थी कि उनके पिता छतनलाल पवार ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान मृतक की जेब से दो पृष्ठों का सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में उल्लेख किया गया था कि उन्होंने अपने मकान निर्माण का कार्य एक ठेकेदार को सौंपा था और इसके लिए पूरी राशि का भुगतान भी कर दिया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य लंबे समय तक अधूरा रहा। मृतक ने नोट में लिखा था कि बार-बार अनुरोध करने के बाद भी काम पूरा नहीं होने से वे मानसिक रूप से परेशान और तनावग्रस्त थे।
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पढ़ें: मंडला में पुलिस आरक्षक ने की आत्महत्या, सरकारी क्वार्टर में फंदे पर लटका मिला शव; सुसाइड नोट भी मिला
पुलिस ने सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की। जांच में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के पर्याप्त आधार मिलने पर पाथाखेड़ा निवासी 29 वर्षीय मानव पिता प्रेमचंद राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 8 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी जयपाल इनवाती, चौकी प्रभारी मनोज कुमार उईके, प्रधान आरक्षक मनोज डेहरिया तथा आरक्षक राकेश करपे, रविमोहन दर्शिमा और राजू बरकड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की कार्यप्रणाली की सराहना की है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के मानसिक, आर्थिक या पारिवारिक तनाव की स्थिति में आत्मघाती कदम उठाने के बजाय परिजनों, मित्रों अथवा संबंधित संस्थाओं से सहायता प्राप्त करें और किसी भी विवाद या प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
जानकारी के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को पाथाखेड़ा स्थित संत रविदास कॉलोनी निवासी रामप्रसाद पवार ने थाना सारणी में सूचना दी थी कि उनके पिता छतनलाल पवार ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
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जांच के दौरान मृतक की जेब से दो पृष्ठों का सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में उल्लेख किया गया था कि उन्होंने अपने मकान निर्माण का कार्य एक ठेकेदार को सौंपा था और इसके लिए पूरी राशि का भुगतान भी कर दिया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य लंबे समय तक अधूरा रहा। मृतक ने नोट में लिखा था कि बार-बार अनुरोध करने के बाद भी काम पूरा नहीं होने से वे मानसिक रूप से परेशान और तनावग्रस्त थे।
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पुलिस ने सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की। जांच में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के पर्याप्त आधार मिलने पर पाथाखेड़ा निवासी 29 वर्षीय मानव पिता प्रेमचंद राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 8 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी जयपाल इनवाती, चौकी प्रभारी मनोज कुमार उईके, प्रधान आरक्षक मनोज डेहरिया तथा आरक्षक राकेश करपे, रविमोहन दर्शिमा और राजू बरकड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की कार्यप्रणाली की सराहना की है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के मानसिक, आर्थिक या पारिवारिक तनाव की स्थिति में आत्मघाती कदम उठाने के बजाय परिजनों, मित्रों अथवा संबंधित संस्थाओं से सहायता प्राप्त करें और किसी भी विवाद या प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।

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