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Bhind News: भाजपा नेता के खिलाफ फिर गिरफ्तारी वारंट, 25 लाख के चेक बाउंस मामले में कोर्ट सख्त
Fri, 31 Jul 2026 05:08 PM IST
भिन्ड ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: भिन्ड ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:08 PM IST
सार
25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में लगातार अदालत से गैरहाजिर रहने पर भाजपा नेता और मध्य प्रदेश बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा के खिलाफ कोर्ट ने दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया। वारंट की तामील में देरी पर अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
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भाजपा नेता के खिलाफ वारंट जारी
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विस्तार
मध्य प्रदेश बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा नेता राजकुमार कुशवाहा की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में लगातार अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने उनके खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। साथ ही पहले जारी वारंट की समय पर तामील नहीं होने पर अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है और तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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न्यायालय की ऑर्डर शीट के अनुसार सुनवाई के दौरान राजकुमार कुशवाहा अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इससे पहले भी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन पुलिस उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश नहीं करा सकी। इसे गंभीर मानते हुए अदालत ने दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया और पुलिस को निर्देश दिए कि वारंट का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। मामला 25 लाख रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा है। इस प्रकरण में राजकुमार कुशवाहा को पहले जमानत मिल चुकी थी। जमानत की शर्तों के अनुसार उन्हें प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित होना अनिवार्य था। हालांकि, लगातार गैरहाजिर रहने और अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है।
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अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी माना कि पहले जारी गिरफ्तारी वारंट का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका, जिसके कारण आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश नहीं कराया जा सका। इसी आधार पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर नियमानुसार अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वारंट की तामील में हुई देरी पर भी न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, चेक बाउंस के मामलों में यदि कोई आरोपी जमानत पर होने के बावजूद बार-बार अदालत में उपस्थित नहीं होता, तो न्यायालय उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकता है। लगातार आदेशों की अवहेलना की स्थिति में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और अगली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी। कोर्ट के ताजा आदेश के बाद भाजपा नेता राजकुमार कुशवाहा की कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय की आगामी कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।
