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भोपाल के डबल मर्डर केस का खुलासा: पहले तैयार किया था फर्जी दान पत्र; फिर रिटायर्ड दंपती को उतारा मौत के घाट
Wed, 15 Jul 2026 01:26 PM IST
भोपाल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 01:26 PM IST
सार
भोपाल के ऐशबाग में रिटायर्ड दंपति की दोहरी हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी दानपत्र तैयार कर भाड़े के हत्यारों से वारदात कराई गई।
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महिला शिवानी बारीक जिसने हत्या कराई है, यह शकुन्तला की भाभी है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के ऐशबाग इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड में भोपाल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुदामा नगर में रहने वाले रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हत्या उनके 2 करोड़ रुपये की कीमत के मकान और अन्य संपत्तियों को हड़पने के लिए की गई थी।
आरोपियों ने इस संपत्ति का एक फर्जी दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार करवा लिया था। जब मृत हेमंत फिलेमोन इस मकान को 1 करोड़ 20 लाख में बेचने की तैयारी करने लगे, तो आरोपियों को अपनी साजिश नाकाम होती दिखी। इसी डर से भाड़े के हत्यारों के जरिए इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिलाया गया।
इस मामले में पुलिस ने कजलीखेड़ा से दो सगे भाइयों (प्रॉपर्टी डीलर) और मृतक की भाभी सहित कई करीबियों को हिरासत में लिया है, जिनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
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कजलीखेड़ा नाले में फेंका गया था कट्टा, छानबीन जारी
पुलिस ने संदेह के आधार पर कजलीखेड़ा इलाके से दो सगे भाइयों श्रीकांत और शशिकांत को हिरासत में लिया है। इनमें से एक भाई प्रॉपर्टी का काम करता है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए कट्टे को आरोपियों ने कजलीखेड़ा नाले में फेंक दिया था।
बुधवार सुबह से ही तीन थानों की संयुक्त पुलिस टीम आरोपियों को मौके पर ले जाकर हथियार की बरामदगी के लिए छानबीन कर रही है। पुलिस पर इस मामले के जल्द खुलासे का भारी दबाव था, जिसके चलते आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50,000 का इनाम भी घोषित किया गया था।
मृतका की भाभी ने कराई थी मुख्य आरोपी से मुलाकात
जांच के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी मृतका शकुंतला की भाभी शिबानी बारीक से जुड़ी है। साल 2021 में आरोपी श्रीकांत ने ऋषिपुरम स्थित शिबानी की एक प्रॉपर्टी बेचने में मदद की थी। इस संपत्ति पर शिबानी के दिवंगत बेटे वैभव के लिए एक स्टूडियो बनाया गया था, जिनका 2020 में दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया था।
पहले फिलेमोन दंपती यह मकान शिबानी के बेटे वैभव को ही देने वाले थे, लेकिन उसकी मौत के बाद उन्होंने अपनी सेवा करने वाले किसी व्यक्ति को यह संपत्ति सौंपने का मन बना लिया था। इसी बीच, हेमंत की इटारसी स्थित एक अन्य संपत्ति को बेचने के लिए शिबानी ने ही श्रीकांत से उनकी मुलाकात कराई थी। इस दौरान संपत्ति को लेकर दो बार पावर ऑफ अटॉर्नी भी बनाई गई, जिसे लेकर शुरुआती विवाद की बात सामने आई है।
फर्जी दानपत्र मिलते ही बदली जांच की दिशा
इस हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब पुलिस के हाथ एक फर्जी दानपत्र लगा। इस कागजात के बारे में न तो फिलेमोन दंपति को भनक थी और न ही उनके रिश्तेदारों को। इसे देखते ही क्राइम ब्रांच और एसआईटी की जांच की दिशा बदल गई। इसके अलावा, वारदात वाले घर में किराए से रहने वाला एक दंपती, जो जांच के दौरान अचानक गायब हो गया था, पुलिस को मिल गया है। उन्होंने हिरासत में लिए गए दोनों संदेही भाइयों को पहचान लिया है। पुलिस के पास आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज भी पहले से मौजूद हैं।
ये भी पढ़ें- MP Cabinet: मोहन सरकार का बड़ा फेरबदल, लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस, आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी
कई करीबी रिश्तेदार भी पुलिस की गिरफ्त में
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने मृत दंपती के भाई-भाभी को भी हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस दो प्रॉपर्टी डीलर भाइयों, भाभी शिवानी बारीक, उसके मुंहबोले बेटे अल्ताफ और कुछ अन्य करीबी रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुधवार शाम तक इस पूरे दोहरे हत्याकांड का आधिकारिक और विस्तृत खुलासा कर दिया जाएगा।
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आरोपियों ने इस संपत्ति का एक फर्जी दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार करवा लिया था। जब मृत हेमंत फिलेमोन इस मकान को 1 करोड़ 20 लाख में बेचने की तैयारी करने लगे, तो आरोपियों को अपनी साजिश नाकाम होती दिखी। इसी डर से भाड़े के हत्यारों के जरिए इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिलाया गया।
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इस मामले में पुलिस ने कजलीखेड़ा से दो सगे भाइयों (प्रॉपर्टी डीलर) और मृतक की भाभी सहित कई करीबियों को हिरासत में लिया है, जिनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
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कजलीखेड़ा नाले में फेंका गया था कट्टा, छानबीन जारी
पुलिस ने संदेह के आधार पर कजलीखेड़ा इलाके से दो सगे भाइयों श्रीकांत और शशिकांत को हिरासत में लिया है। इनमें से एक भाई प्रॉपर्टी का काम करता है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए कट्टे को आरोपियों ने कजलीखेड़ा नाले में फेंक दिया था।
बुधवार सुबह से ही तीन थानों की संयुक्त पुलिस टीम आरोपियों को मौके पर ले जाकर हथियार की बरामदगी के लिए छानबीन कर रही है। पुलिस पर इस मामले के जल्द खुलासे का भारी दबाव था, जिसके चलते आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50,000 का इनाम भी घोषित किया गया था।
मृतका की भाभी ने कराई थी मुख्य आरोपी से मुलाकात
जांच के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी मृतका शकुंतला की भाभी शिबानी बारीक से जुड़ी है। साल 2021 में आरोपी श्रीकांत ने ऋषिपुरम स्थित शिबानी की एक प्रॉपर्टी बेचने में मदद की थी। इस संपत्ति पर शिबानी के दिवंगत बेटे वैभव के लिए एक स्टूडियो बनाया गया था, जिनका 2020 में दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया था।
पहले फिलेमोन दंपती यह मकान शिबानी के बेटे वैभव को ही देने वाले थे, लेकिन उसकी मौत के बाद उन्होंने अपनी सेवा करने वाले किसी व्यक्ति को यह संपत्ति सौंपने का मन बना लिया था। इसी बीच, हेमंत की इटारसी स्थित एक अन्य संपत्ति को बेचने के लिए शिबानी ने ही श्रीकांत से उनकी मुलाकात कराई थी। इस दौरान संपत्ति को लेकर दो बार पावर ऑफ अटॉर्नी भी बनाई गई, जिसे लेकर शुरुआती विवाद की बात सामने आई है।
फर्जी दानपत्र मिलते ही बदली जांच की दिशा
इस हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब पुलिस के हाथ एक फर्जी दानपत्र लगा। इस कागजात के बारे में न तो फिलेमोन दंपति को भनक थी और न ही उनके रिश्तेदारों को। इसे देखते ही क्राइम ब्रांच और एसआईटी की जांच की दिशा बदल गई। इसके अलावा, वारदात वाले घर में किराए से रहने वाला एक दंपती, जो जांच के दौरान अचानक गायब हो गया था, पुलिस को मिल गया है। उन्होंने हिरासत में लिए गए दोनों संदेही भाइयों को पहचान लिया है। पुलिस के पास आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज भी पहले से मौजूद हैं।
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कई करीबी रिश्तेदार भी पुलिस की गिरफ्त में
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने मृत दंपती के भाई-भाभी को भी हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस दो प्रॉपर्टी डीलर भाइयों, भाभी शिवानी बारीक, उसके मुंहबोले बेटे अल्ताफ और कुछ अन्य करीबी रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुधवार शाम तक इस पूरे दोहरे हत्याकांड का आधिकारिक और विस्तृत खुलासा कर दिया जाएगा।
