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आतंक पर प्रहार: कट्टरपंथी फराज को जेल भेजा, 20 जून तक एटीएस की रिमांड पर नईम, एटीएस कर रही नेटवर्क की पड़ताल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Tue, 16 Jun 2026 08:06 PM IST
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सार

एमपी एटीएस की जांच में सामने आए कथित आतंकी नेटवर्क की परतें लगातार खुल रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एजेंसी डिजिटल संपर्कों, विदेशी कनेक्शन और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।

Bhopal News: Faraz sent to jail, Naim remanded to ATS till June 20; alleged network under scanner
जेल पहुंचा फराज, 20 दिन की रिमांड पर नईम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

देशविरोधी गतिविधियों और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपियों मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला को मंगलवार को विशेष न्यायाधीश डॉ. मुकेश मलिक की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मोहम्मद फराज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि नईम अब्दुल्ला को 20 जून तक एटीएस रिमांड पर सौंप दिया है।



एटीएस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी नईम अब्दुल्ला से कथित नेटवर्क, डिजिटल संपर्कों, विदेशी कनेक्शन तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में गहन पूछताछ की जानी है। जांच एजेंसी के अनुसार पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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इस मामले में अब तक भोपाल से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद, उत्तर प्रदेश के देवबंद से नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव और मध्यप्रदेश के धार से हाजी अजहर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा हरियाणा के नूंह से शाकिर और बिहार के मधुबनी जिले से इजहार-उल-हक को भी एमपी एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है।
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टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जोड़ रहे थे युवा
एमपी एटीएस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से युवाओं को जोड़ने और कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। एटीएस के अनुसार मोहम्मद फराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहकर युवाओं को विभिन्न ग्रुप्स से जोड़ता था और संदिग्ध सामग्री साझा करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह पिछले लगभग छह वर्षों से डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय था। फिलहाल एटीएस डिजिटल गतिविधियों, विदेशी फंडिंग, आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका
एटीएस सूत्रों के अनुसार अब तक मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और बिहार में इस कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के तार सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसका दायरा अन्य राज्यों तक भी हो सकता है।


एनआईए से प्राप्त इनपुट और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एटीएस उनके सहयोगियों, संपर्कों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ विदेशी फंडिंग और आर्थिक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी भोपाल में बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन एचयूटी से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वर्तमान कार्रवाई को जांच एजेंसियां उसी कड़ी की एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रही हैं।

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