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रायसेन उन्नत कृषि महोत्सव: प्रदेश के चार जिलों का कृषि रोडमैप पेश होगा आज, विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 12 Apr 2026 08:52 AM IST
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सार
रायसेन में चल रहे “उन्नत कृषि महोत्सव” के दूसरे दिन आज चार जिलों का कृषि रोडमैप पेश किया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक खेती और आय बढ़ाने के उपाय बताएंगे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कृषि उपकरण की जानकारी लेते
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेला “उन्नत कृषि महोत्सव” का दूसरा दिन किसानों के लिए नई जानकारी, आधुनिक तकनीक और बेहतर खेती के अवसरों से भरपूर रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित मध्यप्रदेश सरकार के कई मंत्री और विशेषज्ञ किसानों को मार्गदर्शन देंगे।कार्यक्रम के दौरान पूरे दिन सेमिनार, प्रशिक्षण सत्र और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए किसान, एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) प्रतिनिधि और युवा उद्यमी सीधे विशेषज्ञों और मंत्रियों से बातचीत कर सकेंगे। प्रदेश के जिन मंत्रियों की भागीदारी रहेगी, उनमें प्रह्लाद पटेल, एंदल सिंह कंसाना, पटेल सिंह कंवर, नारायण सिंह कुशवाह, करन सिंह वर्मा, नरेन्द्र शिवाजी पटेल और लखन पटेल शामिल हैं। दिन की शुरुआत सुबह 11 बजे एफपीओ मीट और फसल बीमा जागरूकता कार्यक्रम से होगी। इसमें किसानों को संगठन बनाकर बेहतर बाजार से जुड़ने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की जानकारी दी जाएगी। नुक्कड़ नाटक के जरिए बीमा की उपयोगिता भी समझाई जाएगी।
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“कृषि रोडमैप” पर विशेष सत्र होगा,
दोपहर 1 बजे रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिले का कृषि रोड मैप जारी होगा। “कृषि रोडमैप” पर विशेष सत्र होगा, जिसमें फसल विविधीकरण, सिंचाई, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और एग्री-प्रोसेसिंग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। किसानों की आय बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के उपाय बताए जाएंगे। दोपहर बाद तकनीकी सत्रों में आधुनिक खेती की जानकारी दी जाएगी। एकीकृत कृषि प्रणाली के तहत फसल, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन को जोड़कर आय बढ़ाने के तरीके समझाए जाएंगे। साथ ही मृदा स्वास्थ्य, जैविक खाद, संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी जांच की जानकारी भी दी जाएगी।
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अलग-अलग विषयों पर होंगे कई सत्र
बागवानी और सब्जी की संरक्षित खेती पर भी विशेष सत्र होगा, जिसमें पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी तकनीकों के फायदे बताए जाएंगे। इसके अलावा एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के जरिए सुरक्षित और कम लागत में फसल बचाने के उपाय भी बताए जाएंगे। शाम के सत्र में नर्सरी प्रबंधन, माइक्रो सिंचाई और “प्रति बूंद अधिक फसल” जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही हाइड्रोपोनिक्स, प्रिसिजन फार्मिंग और वर्टिकल फार्मिंग जैसी नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जो खासकर युवाओं के लिए उपयोगी हैं। महोत्सव में प्रदर्शनी और तकनीकी स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां किसान आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, जैविक उत्पाद और सिंचाई तकनीकों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
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“कृषि रोडमैप” पर विशेष सत्र होगा,
दोपहर 1 बजे रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिले का कृषि रोड मैप जारी होगा। “कृषि रोडमैप” पर विशेष सत्र होगा, जिसमें फसल विविधीकरण, सिंचाई, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और एग्री-प्रोसेसिंग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। किसानों की आय बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के उपाय बताए जाएंगे। दोपहर बाद तकनीकी सत्रों में आधुनिक खेती की जानकारी दी जाएगी। एकीकृत कृषि प्रणाली के तहत फसल, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन को जोड़कर आय बढ़ाने के तरीके समझाए जाएंगे। साथ ही मृदा स्वास्थ्य, जैविक खाद, संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी जांच की जानकारी भी दी जाएगी।
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अलग-अलग विषयों पर होंगे कई सत्र
बागवानी और सब्जी की संरक्षित खेती पर भी विशेष सत्र होगा, जिसमें पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी तकनीकों के फायदे बताए जाएंगे। इसके अलावा एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के जरिए सुरक्षित और कम लागत में फसल बचाने के उपाय भी बताए जाएंगे। शाम के सत्र में नर्सरी प्रबंधन, माइक्रो सिंचाई और “प्रति बूंद अधिक फसल” जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही हाइड्रोपोनिक्स, प्रिसिजन फार्मिंग और वर्टिकल फार्मिंग जैसी नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जो खासकर युवाओं के लिए उपयोगी हैं। महोत्सव में प्रदर्शनी और तकनीकी स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां किसान आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, जैविक उत्पाद और सिंचाई तकनीकों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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