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पानी पर उठे सवालों के बीच मेयर का वॉटर टेस्ट: फिल्टर प्लांट पहुंचीं मालती राय,बोलीं-भोपाल में RO की जरूरत नहीं
Tue, 26 May 2026 06:42 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 26 May 2026 06:42 PM IST
सार
भोपाल में पानी की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच मेयर मालती राय ने निगम के फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। लैब टेस्ट में पानी पास होने के बाद अफसरों ने मौके पर पानी पीकर इसे सुरक्षित बताया। मेयर ने दावा किया कि बड़े तालाब का पानी इतना शुद्ध है कि लोगों को आरो लगाने की जरूरत नहीं है।
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फिल्टर प्लांट पहुंचीं महापौर मालती राय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में गंदे पानी और कम प्रेशर की शिकायतों के बीच मंगलवार को महापौर मालती राय खुद नगर निगम के फिल्टर प्लांट पहुंचीं। विधानसभा के सामने स्थित प्लांट में उन्होंने पानी शुद्धिकरण की पूरी प्रक्रिया देखी और लैब में टेस्टिंग कराकर पानी की गुणवत्ता जांची। निरीक्षण के दौरान एमआईसी मेंबर रविंद्र यती और निगम अफसरों ने लैब टेस्ट में पास हुए पानी को मौके पर ही पीकर यह संदेश देने की कोशिश की कि सप्लाई किया जा रहा पानी पूरी तरह सुरक्षित है।
भोपाल में आरो की जरूरत नहीं
महापौर मालती राय ने निरीक्षण के बाद कहा कि बड़े तालाब से आने वाले पानी को फिल्टर प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि जिन इलाकों में बड़े तालाब का पानी सप्लाई हो रहा है, वहां लोगों को आरो लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण पानी की खपत बढ़ी है, इसलिए कुछ क्षेत्रों से कम प्रेशर और सप्लाई को लेकर शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद एमआईसी मेंबर, जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ प्लांट का निरीक्षण किया गया।
यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश में हीट अटैक, 45 शहरों में लू का अलर्ट, 28 मई से प्री-मानसून एक्टिव होने के संकेत
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लैब में हुई टेस्टिंग, अधिकारियों ने पीकर दिखाया पानी
निरीक्षण के दौरान पानी के सैंपल की लैब में जांच की गई। रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद रविंद्र यती और अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने महापौर के सामने ही पानी पीया। इसे नगर निगम ने क्वालिटी पर भरोसे के तौर पर पेश किया।
यह भी पढ़ें-भोपाल में भाईचारे की मिसाल बनी बकरीद, दाऊदी बोहरा समाज ने सादगी और अमन के साथ मनाया पर्व
भोपाल में चार स्रोतों से होती है जल सप्लाई
भोपाल शहर में कोलार डैम, केरवा डैम, बड़ा तालाब और नर्मदा नदी से पानी सप्लाई किया जाता है। शहर की आधे से ज्यादा आबादी को कोलार का पानी मिलता है, जबकि लालघाटी, कोहेफिजा समेत कई क्षेत्रों में बड़े तालाब का पानी पहुंचता है। नर्मदा का पानी होशंगाबाद रोड और आसपास की कॉलोनियों में सप्लाई किया जाता है।
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भोपाल में आरो की जरूरत नहीं
महापौर मालती राय ने निरीक्षण के बाद कहा कि बड़े तालाब से आने वाले पानी को फिल्टर प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि जिन इलाकों में बड़े तालाब का पानी सप्लाई हो रहा है, वहां लोगों को आरो लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण पानी की खपत बढ़ी है, इसलिए कुछ क्षेत्रों से कम प्रेशर और सप्लाई को लेकर शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद एमआईसी मेंबर, जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ प्लांट का निरीक्षण किया गया।
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लैब में हुई टेस्टिंग, अधिकारियों ने पीकर दिखाया पानी
निरीक्षण के दौरान पानी के सैंपल की लैब में जांच की गई। रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद रविंद्र यती और अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने महापौर के सामने ही पानी पीया। इसे नगर निगम ने क्वालिटी पर भरोसे के तौर पर पेश किया।
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भोपाल में चार स्रोतों से होती है जल सप्लाई
भोपाल शहर में कोलार डैम, केरवा डैम, बड़ा तालाब और नर्मदा नदी से पानी सप्लाई किया जाता है। शहर की आधे से ज्यादा आबादी को कोलार का पानी मिलता है, जबकि लालघाटी, कोहेफिजा समेत कई क्षेत्रों में बड़े तालाब का पानी पहुंचता है। नर्मदा का पानी होशंगाबाद रोड और आसपास की कॉलोनियों में सप्लाई किया जाता है।
