Bhopal News: गोमांस तस्करी के मास्टरमाइंड असलम चमड़ा को मिली जमानत, इन तथ्यों पर माना कोर्ट
भोपाल में गोमांस तस्करी मामले के आरोपी असलम चमड़ा को साक्ष्यों की कमी के आधार पर अदालत से जमानत मिल गई। खराब सैंपल के कारण जांच प्रभावित हुई। पुलिस के विरोध के बावजूद कोर्ट ने राहत दी, जबकि मामले में 26 टन मांस बरामद हुआ था।
विस्तार
भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस को संचालित करने वाले असलम चमड़े को गोमांस तस्करी मामले में बुधवार को भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई। हालांकि, पुलिस की ओर से जमानत का विरोध किया गया था।
असलम चमड़ा के अधिवक्ता ने भोपाल जिला अदालत में जमानत आवेदन पर बहस करते हुए कहा कि भोपाल पुलिस ने मांस के सैंपल को हैदराबाद प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है, वहां की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे। भोपाल पुलिस द्वारा हैदराबाद भेजे गस गोमांस के सैंपल पहले ही खराब हो चुके हैं। हैदराबाद प्रयोगशाला ने सैंपल खराब होने के कारण जांच से इंकार कर चुकी है। असलम चमड़ा ने उत्तर प्रदेश की बड़ी मांस कंपनी से करार किया हुआ है। जब वह पकड़ा था, तब भी पुलिस को अपने बयान में बताया था कि उक्त माल मेरे स्लॉटर हाउस में रखा है, लेकिन उक्त माल और उसके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की उक्त कंपनी की है, जिससे मेरा करार है।
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साक्ष्यों की कमी बनी अहम वजह
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। असलम चमड़ा के अधिवक्ता जगदीश गुप्ता ने दलील दी कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए मांस के सैंपल जांच के लिए हैदराबाद भेजे गए थे, लेकिन वे खराब हो जाने के कारण लैब ने जांच से इंकार कर दिया। ऐसे में ठोस वैज्ञानिक प्रमाण पेश नहीं किए जा सके। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि जब्त किया गया मांस असलम का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक मीट कंपनी का है, जिससे उसका वैध करार है। इस दावे के समर्थन में अदालत में दस्तावेज भी पेश किए गए। अधिवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि स्लॉटर हाउस में किसी भी जानवर का वध डॉक्टर की जांच के बाद ही किया जाता है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप होती हैं।
विरोध के बावजूद मिली राहत
इस मामले में हिंदूवादी कार्यकर्ता भानू हिंदू ने जमानत का विरोध किया था। उन्होंने ही 17 दिसंबर 2025 को जहांगीराबाद क्षेत्र में कंटेनर पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत ने जमानत दे दी। बता दें, 17 दिसंबर 2025 को पुलिस ने एक कंटेनर से करीब 26 टन मांस बरामद किया था, जिसे मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप था कि स्लॉटर हाउस में अवैध रूप से गोवंश का वध कर मांस की तस्करी की जा रही है। मथुरा फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में मांस के गोमांस होने की पुष्टि भी हुई थी। इस मामले में एसआईटी पहले ही 500 पन्नों का चालान अदालत में पेश कर चुकी है। अब जमानत मिलने के बाद मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।

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