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भोपाल को मिली ई-बस सेवा: 3 मार्गों पर 10 बसें शुरू, पहले दिन 2 हजार यात्रियों ने किया सफर, 7 से 40 रुपए किराया

Thu, 30 Jul 2026 09:53 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 30 Jul 2026 09:53 PM IST
सार

भोपाल में तीन मार्गों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू हो गया। पहले दिन करीब 2 हजार यात्रियों ने सफर किया, जिसमें कोलार मार्ग सबसे व्यस्त रहा। किराया 7 से 40 रुपए है और वातानुकूलित यात्रा के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। बसों में दिव्यांगों के लिए हाइड्रोलिक दरवाजे, छह निगरानी कैमरे लगाए गए हैं। 

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Bhopal gets e-bus service: 10 buses launched across 3 routes; 2,000 passengers traveled on the first day; fare
इलेक्ट्रिक बस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के सार्वजनिक परिवहन में गुरुवार से इलेक्ट्रिक बसों का नया दौर शुरू हो गया। टिकट व्यवस्था की जांच और बिना यात्रियों के परीक्षण के बाद पहली बार इन बसों को नियमित यात्रियों के लिए सड़कों पर उतारा गया। पहले दिन करीब 2 हजार यात्रियों ने इन बसों से सफर किया। इनमें कोलार मार्ग सबसे ज्यादा व्यस्त रहा। हालांकि, लोगों को नई सेवा की पर्याप्त जानकारी नहीं होने और फिलहाल सीमित संख्या में बसें चलने के कारण यात्री संख्या उम्मीद से कम रही।
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तीन मार्गों पर 10 बसों से शुरुआत
पहले चरण में तीन मार्गों पर 10 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। बसों का संचालन चिरायु अस्पताल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन, डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन से कोच फैक्टरी और बैरागढ़-चिचली होते हुए कोलार दिशा के मार्ग पर किया जा रहा है। कोलार और बैरागढ़-चिचली वाले मार्ग पर दिनभर यात्रियों की संख्या ज्यादा रही, जबकि कोच फैक्टरी मार्ग पर सामान्य भीड़ रही।
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पहले छह घंटे में 850 यात्री, 13 हजार रुपए आय
पहले दिन सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच करीब 850 यात्रियों ने सफर किया और लगभग 13 हजार रुपए की आय हुई। पूरे दिन यात्रियों की संख्या करीब 2 हजार रही। अधिकारियों को उम्मीद है कि नई सेवा की जानकारी ज्यादा लोगों तक पहुंचने और यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ रोजाना आय 30 हजार रुपए से अधिक हो सकती है। पहली बस सुबह 5:04 बजे बैरागढ़ डिपो से रवाना हुई। फिलहाल सेवा शाम 7 बजे तक चल रही है। संचालन व्यवस्था स्थिर होने के बाद समय बढ़ाकर सुबह 6 से रात 8 बजे तक किए जाने की तैयारी है। बसें फिलहाल दो पालियों में चलाने की व्यवस्था भी रखी गई है। पहली पाली सुबह 8 से दोपहर 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक।
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किराया पुराने सिटी बस जैसा, एसी सफर के लिए अतिरिक्त पैसा नहीं
ई-बस में सफर के लिए यात्रियों को अलग से अधिक किराया नहीं देना होगा। न्यूनतम किराया 7 रुपए और अधिकतम 40 रुपए तय किया गया है। किराया शहर में पहले से चल रही सिटी बसों के बराबर ही रखा गया है। कोलार से एमपी नगर के बीच सफर करने वाली यात्री ममता जोशी ने बताया कि उन्होंने नयापुरा से बस ली और एमपी नगर तक पहुंचीं। इस सफर के लिए 17 रुपए किराया लगा। उन्होंने बस को आरामदायक बताया।

पुराने बस स्टॉप पर ही मिलेगी सेवा
नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए यात्रियों को नए बस स्टॉप तलाशने की जरूरत नहीं होगी। शहर में पहले से मौजूद बस स्टॉप का ही उपयोग किया जा रहा है। करीब दो साल पहले भोपाल में लगभग 368 सिटी बसें चलती थीं, लेकिन अब उनकी संख्या 50 से भी कम रह गई है। ऐसे में नई ई-बसें पुराने परिवहन ढांचे को फिर सक्रिय करने में मदद करेंगी।

100 स्वीकृत बसों में 30 पहुंचीं, 10 सड़क पर
भोपाल के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी मिली है। इनमें से अब तक 30 बसें शहर पहुंच चुकी हैं, लेकिन व्यावसायिक संचालन में फिलहाल 10 बसों को लगाया गया है। अगले चरण में 10 और बसें शुरू करने की तैयारी है। शहर में पहुंच चुकी सभी 30 बसों को आगे यात्रियों की संख्या और जरूरत के अनुसार सड़क पर उतारने की योजना है। अगले 10 से 12 दिनों में 20 और बसें आने की उम्मीद जताई गई है। 15 अगस्त को प्रदेश स्तर पर बस सेवा का औपचारिक शुभारंभ प्रस्तावित है।

छोटी बसें, संकरी सड़कों पर संचालन आसान
नई बसों की लंबाई करीब 9 मीटर और चौड़ाई लगभग साढ़े तीन मीटर है। इसकी तुलना में शहर की कई पुरानी सिटी बसें करीब 12 मीटर लंबी हैं। छोटी बस होने के कारण संकरी सड़कों और भीड़ वाले इलाकों में मोड़ने तथा निकालने में सुविधा रहने की उम्मीद है। हालांकि ज्यादा यातायात वाले मार्गों पर जाम अब भी चुनौती रहेगा।

प्रभात चौराहे से रेलवे स्टेशन तक जाम ने बढ़ाया समय
पहले दिन बोर्ड ऑफिस-कोच फैक्टरी मार्ग पर यातायात जाम ने संचालन की रफ्तार प्रभावित की। प्रभात चौराहे से रेलवे स्टेशन तक सामान्यत: करीब 5 मिनट का रास्ता लगभग 21 मिनट में तय हुआ। अधिकारियों के मुताबिक अशोका गार्डन और पुष्पा नगर क्षेत्र में सड़क किनारे अतिक्रमण, फुटपाथ पर बनी दुकानें और बेतरतीब पार्किंग के कारण दोनों दिशाओं में यातायात दबाव रहा।


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दिव्यांग यात्रियों के लिए खास व्यवस्था
ई-बसों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इनमें हाइड्रोलिक दरवाजे लगाए गए हैं, जिससे व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल के साथ चढ़ना-उतरना आसान होगा। दरवाजे के पास इतनी जगह रखी गई है कि एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल खड़ी की जा सकती हैं। सुरक्षा के लिए प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस में छह निगरानी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी डिपो में बने नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए बस में दो दरवाजे हैं, जिन्हें चालक के नियंत्रण से संचालित किया जाएगा। बसों के नियमित संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में 11 चार्जिंग बिंदु तैयार किए गए हैं। इससे बसों को संचालन के दौरान चार्ज करने की व्यवस्था बनी रहेगी।

 
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