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Bhopal News: भोपाल का 26 टन गोमांस मामला पीएम तक पहुंचा, हिंदू संगठन ने खून से लिखा पत्र, CBI जांच की मांग
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 20 Feb 2026 06:14 PM IST
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सार
भोपाल में 26.5 टन संदिग्ध गौमांस पकड़े जाने के मामले को लेकर जय मां भवानी हिंदू संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है। संगठन ने प्रशासनिक लापरवाही और संगठित नेटवर्क की आशंका जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 1000 पोस्टकार्ड भेजने और एक लाख युवाओं को डिजिटल अभियान से जोड़ने की घोषणा की गई है।
खून से पत्र लिखते
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में 17 दिसंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय के सामने पकड़े गए 26.5 टन संदिग्ध गौमांस के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जय मां भवानी हिंदू संगठन के अध्यक्ष भानु हिंदू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखकर पूरे मामले की CBI जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।संगठन ने ऐलान किया है कि आंदोलन को अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। शुक्रवार शाम भवानी चौक पर अगले चरण की रणनीति का भी ऐलान किया गया।
प्रशासनिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल
पत्र में दावा किया गया है कि पकड़ा गया मांस नगर निगम से जुड़े ठेका संचालित स्लॉटर हाउस से निकला बताया जा रहा है। संगठन ने इसे प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध मांस पकड़े जाने के बावजूद कार्रवाई सीमित रही है।संगठन का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है, जिसकी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
डिजिटल और डाक अभियान की तैयारी
आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए 1000 पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजने की घोषणा की गई है। साथ ही प्रदेशभर के करीब एक लाख युवाओं को सोशल मीडिया अभियान से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। संगठन का कहना है कि यह संवैधानिक तरीके से न्याय की मांग उठाने का प्रयास है।
यह भी पढ़ें-भागीरथपुरा दूषित जल कांड पर हंगामा, सदन में चर्चा नहीं होने पर कांग्रेस का वॉकआउट
तीन प्रमुख मांगें
संगठन ने अपनी मांगों में
पूरे मामले की CBI से समयबद्ध और निष्पक्ष जांच,
संबंधित अधिकारियों व नेटवर्क पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई,
यह भी पढ़ें-नेता प्रतिपक्ष बोले-अभी तक नहीं उतरा भागीरथपुरा का भूत, विधानसभा में औकात वाले बयान पर विवाद जारी
अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप
गौ संरक्षण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग रखी है। ज्ञापन और प्रदर्शन के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए अब मामला सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाया गया है। 26.5 टन संदिग्ध मांस की बरामदगी का यह प्रकरण फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा और आने वाले दिनों में सियासी और सामाजिक स्तर पर इसकी गूंज तेज हो सकती है।
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प्रशासनिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल
पत्र में दावा किया गया है कि पकड़ा गया मांस नगर निगम से जुड़े ठेका संचालित स्लॉटर हाउस से निकला बताया जा रहा है। संगठन ने इसे प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध मांस पकड़े जाने के बावजूद कार्रवाई सीमित रही है।संगठन का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है, जिसकी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
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डिजिटल और डाक अभियान की तैयारी
आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए 1000 पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजने की घोषणा की गई है। साथ ही प्रदेशभर के करीब एक लाख युवाओं को सोशल मीडिया अभियान से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। संगठन का कहना है कि यह संवैधानिक तरीके से न्याय की मांग उठाने का प्रयास है।
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संगठन ने अपनी मांगों में
पूरे मामले की CBI से समयबद्ध और निष्पक्ष जांच,
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अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप
गौ संरक्षण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग रखी है। ज्ञापन और प्रदर्शन के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए अब मामला सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाया गया है। 26.5 टन संदिग्ध मांस की बरामदगी का यह प्रकरण फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा और आने वाले दिनों में सियासी और सामाजिक स्तर पर इसकी गूंज तेज हो सकती है।

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