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Bhopal News: कांग्रेस पीएसी की बैठक में तय हुई आगे की रणनीति, सरकार के खिलाफ आंदोलन और कानूनी लड़ाई का ऐलान
Tue, 11 Aug 2026 05:43 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 11 Aug 2026 05:43 PM IST
सार
एमपी कांग्रेस की पीएसी बैठक में दतिया जीत के बाद आगामी चुनावों की रणनीति पर मंथन हुआ। उमंग सिंघार ने 62 लाख से ज्यादा मामले दर्ज होने का दावा किया, जबकि जीतू पटवारी ने मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन मामले में कोर्ट जाने की बात कही। कांग्रेस ने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष कराने, 27% ओबीसी आरक्षण और किसानों-युवाओं के मुद्दों पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई। करीब पांच घंटे चली बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, दतिया उपचुनाव में जीत, युवाओं, किसानों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों के साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
कमलनाथ नहीं पहुंचे, दिग्विजय वर्चुअल जुड़े
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विदेश में होने के कारण बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं रहे, लेकिन वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वहीं, नकुलनाथ के पहली बार प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कार्यकाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में शामिल होने की संभावना थी, लेकिन छिंदवाड़ा से भोपाल आने वाले विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं हो सकी। उनके साथ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को भी इसी विमान से आना था। विमान में खराबी के बाद चौधरी सड़क मार्ग से भोपाल पहुंचे और बैठक में शामिल हुए।
सिंघार का दावा- 62 लाख से ज्यादा मामले दर्ज
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर 62 लाख से ज्यादा मामले छोटी-छोटी धाराओं में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई मामले सरकार के दबाव में दर्ज किए गए। सिंघार ने कहा कि इससे प्रदेश में पुलिस के जरिए शासन चलाने की स्थिति दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज मामलों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने तक कांग्रेस ऐसे लोगों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई लड़ती रहेगी।
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राज्यसभा नामांकन मामले में कोर्ट जाएगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जून में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने का मामला कांग्रेस नहीं भूली है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के प्रमुख सचिव एवं चुनाव अधिकारी अरविंद शर्मा के खिलाफ इसी सप्ताह न्यायालय जाने की तैयारी है। पटवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने भाजपा के दबाव में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस का नामांकन निरस्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में राजनीतिक दबाव के इस्तेमाल के खिलाफ कांग्रेस कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
दतिया की जीत को बदलाव का संदेश बताया
पटवारी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत को मध्य प्रदेश की जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि दतिया के परिणाम ने बदलाव की राजनीति का संदेश दिया है। कांग्रेस नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह को बैठक में बधाई दी। उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है और इसका फायदा आगामी निकाय चुनावों में पार्टी को मिलेगा। कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया ने भी दतिया के परिणाम को भाजपा के लिए संकेत बताते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
छात्र संघ चुनाव को लेकर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग की। उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं को मतदान के अधिकार से वंचित करना उचित नहीं है। पटवारी ने भी कहा कि यदि छात्र संघ चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से कराए गए तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। सिंघार ने युवाओं की समस्याओं, परीक्षा घोटालों, प्रश्नपत्र लीक और कथित फर्जी नियुक्तियों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा की मांग भी उठाई।
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कांग्रेस ने इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि बैठक में संगठन सृजन अभियान के साथ जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और ओबीसी वर्ग के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। चौधरी ने प्रदेश में खाद संकट, उज्जैन में कथित भ्रष्टाचार, राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है।
निष्क्रिय पदाधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत
बैठक से पहले निष्क्रिय पदाधिकारियों पर कार्रवाई के सवाल पर उमंग सिंघार ने कहा कि जो पदाधिकारी पार्टी के लिए काम नहीं करेगा, वह सदस्य तो रहेगा, लेकिन पद पर काम नहीं करेगा। उन्होंने पार्टी संगठन को सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
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कांग्रेस ने आगे की लड़ाई की तैयारी की
बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया, सज्जन वर्मा, बाला बच्चन, विजयलक्ष्मी साधो, तरुण भनोट, एनपी प्रजापति, सुखदेव पांसे, फूल सिंह बरैया, घनश्याम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि दतिया की जीत के बाद कांग्रेस संगठन को और सक्रिय करेगी और सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ने की तैयारी में है।
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कमलनाथ नहीं पहुंचे, दिग्विजय वर्चुअल जुड़े
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विदेश में होने के कारण बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं रहे, लेकिन वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वहीं, नकुलनाथ के पहली बार प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कार्यकाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में शामिल होने की संभावना थी, लेकिन छिंदवाड़ा से भोपाल आने वाले विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं हो सकी। उनके साथ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को भी इसी विमान से आना था। विमान में खराबी के बाद चौधरी सड़क मार्ग से भोपाल पहुंचे और बैठक में शामिल हुए।
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सिंघार का दावा- 62 लाख से ज्यादा मामले दर्ज
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर 62 लाख से ज्यादा मामले छोटी-छोटी धाराओं में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई मामले सरकार के दबाव में दर्ज किए गए। सिंघार ने कहा कि इससे प्रदेश में पुलिस के जरिए शासन चलाने की स्थिति दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज मामलों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने तक कांग्रेस ऐसे लोगों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई लड़ती रहेगी।
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राज्यसभा नामांकन मामले में कोर्ट जाएगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जून में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने का मामला कांग्रेस नहीं भूली है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के प्रमुख सचिव एवं चुनाव अधिकारी अरविंद शर्मा के खिलाफ इसी सप्ताह न्यायालय जाने की तैयारी है। पटवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने भाजपा के दबाव में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस का नामांकन निरस्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में राजनीतिक दबाव के इस्तेमाल के खिलाफ कांग्रेस कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
दतिया की जीत को बदलाव का संदेश बताया
पटवारी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत को मध्य प्रदेश की जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि दतिया के परिणाम ने बदलाव की राजनीति का संदेश दिया है। कांग्रेस नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह को बैठक में बधाई दी। उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है और इसका फायदा आगामी निकाय चुनावों में पार्टी को मिलेगा। कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया ने भी दतिया के परिणाम को भाजपा के लिए संकेत बताते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
छात्र संघ चुनाव को लेकर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग की। उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं को मतदान के अधिकार से वंचित करना उचित नहीं है। पटवारी ने भी कहा कि यदि छात्र संघ चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से कराए गए तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। सिंघार ने युवाओं की समस्याओं, परीक्षा घोटालों, प्रश्नपत्र लीक और कथित फर्जी नियुक्तियों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा की मांग भी उठाई।
यह भी पढ़ें-भोपाल में 154 करोड़ के अंबेडकर फ्लाईओवर की खुली पोल: सालभर में ही उखड़ने लगी सड़क, डामर हटा तो बाहर निकले सरिए
कांग्रेस ने इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि बैठक में संगठन सृजन अभियान के साथ जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और ओबीसी वर्ग के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। चौधरी ने प्रदेश में खाद संकट, उज्जैन में कथित भ्रष्टाचार, राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है।
निष्क्रिय पदाधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत
बैठक से पहले निष्क्रिय पदाधिकारियों पर कार्रवाई के सवाल पर उमंग सिंघार ने कहा कि जो पदाधिकारी पार्टी के लिए काम नहीं करेगा, वह सदस्य तो रहेगा, लेकिन पद पर काम नहीं करेगा। उन्होंने पार्टी संगठन को सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश की दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं देश की नई उच्च शिक्षा सचिव, जानिए क्यों है यह नियुक्ति खास
कांग्रेस ने आगे की लड़ाई की तैयारी की
बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया, सज्जन वर्मा, बाला बच्चन, विजयलक्ष्मी साधो, तरुण भनोट, एनपी प्रजापति, सुखदेव पांसे, फूल सिंह बरैया, घनश्याम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि दतिया की जीत के बाद कांग्रेस संगठन को और सक्रिय करेगी और सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ने की तैयारी में है।
