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Bhopal News: हमीदिया में कैंसर की आधुनिक यूनिट तैयार, बजट के इंतजार में इलाज अटका, हर महीने आते हैं 1500 मरीज
Thu, 16 Jul 2026 03:02 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:02 PM IST
सार
हमीदिया अस्पताल में करीब 25 करोड़ रुपए से कैंसर रेडिएशन यूनिट का ढांचा तैयार है, लेकिन बजट के अभाव में सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह का कहना है कि यूनिट पूरी तरह तैयार है और बजट मिलते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
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हमीदिया अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के हमीदिया अस्पताल में कैंसर मरीजों के आधुनिक इलाज की तैयारी तो हो गई, लेकिन बजट ने सेवा पर ब्रेक लगा रखा है। अस्पताल में आधुनिक कैंसर रेडिएशन यूनिट तैयार है, इसके बावजूद मरीजों को अभी इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने बताया कि यूनिट बनकर तैयार है। इसे शुरू करने के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिलते ही सेवा शुरू कर दी जाएगी।
हर महीने 1500 मरीज, एम्स जाना मजबूरी
हमीदिया अस्पताल में हर महीने करीब 1500 कैंसर मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। आधुनिक रेडिएशन सुविधा नहीं होने के कारण कई मरीजों को एम्स भोपाल या दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। एम्स में पहले से मरीजों का दबाव होने के कारण लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। नई यूनिट शुरू होने पर कैंसर की जांच, बीमारी शरीर में कितनी फैली है इसकी पहचान और रेडियोथैरेपी जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी। इससे मरीजों का समय और इलाज पर होने वाला खर्च दोनों कम होगा।
तीन मीटर मोटी दीवारों वाला बंकर तैयार
लिनियर एक्सीलेटर मशीन लगाने के लिए हमीदिया अस्पताल में विशेष बंकर तैयार किया गया है। रेडिएशन से सुरक्षा के लिए इसकी दीवारें करीब तीन मीटर मोटी बनाई गई हैं। ब्रैकीथैरेपी मशीन कमला नेहरू अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में बने बंकर में लगाई जाएगी। पेट-सीटी स्कैन मशीन कमला नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई में स्थापित करने की तैयारी है। तीनों मशीनों को डिजिटल प्रणाली से आपस में जोड़ा जाएगा।
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75 करोड़ की तीन मशीनों से बदलेगा कैंसर इलाज
कैंसर की पहचान और शरीर में उसके फैलाव का पता लगाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपए की पेट-सीटी स्कैन मशीन प्रस्तावित है। करीब 40 करोड़ रुपए की लिनियर एक्सीलेटर मशीन रेडिएशन किरणों से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करेगी। वहीं, करीब 10 करोड़ रुपए की ब्रैकीथैरेपी मशीन कैंसर प्रभावित हिस्से के भीतर या उसके पास रेडिएशन देकर इलाज करेगी। इससे ट्यूमर पर सटीक असर होगा और स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचेगा। तीनों मशीनों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई है।
यह भी पढ़ें-सड़क पर गंदगी फैलाने वाले सरकारी विभागों पर सख्त हुआ निगम, नोटिस जारी कर जल्द होगी कार्रवाई की शुरुआत
दोहरी ऊर्जा से सीधे ट्यूमर पर वार
नई रेडिएशन यूनिट में आधुनिक डुअल एनर्जी लिनियर एक्सीलेटर तकनीक का उपयोग किया जाना है। यह अलग-अलग ऊर्जा की रेडिएशन किरणों के जरिए कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाती है। इससे रेडिएशन का असर सीधे ट्यूमर पर केंद्रित किया जा सकता है और आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाला नुकसान कम होता है।
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हर महीने 1500 मरीज, एम्स जाना मजबूरी
हमीदिया अस्पताल में हर महीने करीब 1500 कैंसर मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। आधुनिक रेडिएशन सुविधा नहीं होने के कारण कई मरीजों को एम्स भोपाल या दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। एम्स में पहले से मरीजों का दबाव होने के कारण लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। नई यूनिट शुरू होने पर कैंसर की जांच, बीमारी शरीर में कितनी फैली है इसकी पहचान और रेडियोथैरेपी जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी। इससे मरीजों का समय और इलाज पर होने वाला खर्च दोनों कम होगा।
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तीन मीटर मोटी दीवारों वाला बंकर तैयार
लिनियर एक्सीलेटर मशीन लगाने के लिए हमीदिया अस्पताल में विशेष बंकर तैयार किया गया है। रेडिएशन से सुरक्षा के लिए इसकी दीवारें करीब तीन मीटर मोटी बनाई गई हैं। ब्रैकीथैरेपी मशीन कमला नेहरू अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में बने बंकर में लगाई जाएगी। पेट-सीटी स्कैन मशीन कमला नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई में स्थापित करने की तैयारी है। तीनों मशीनों को डिजिटल प्रणाली से आपस में जोड़ा जाएगा।
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75 करोड़ की तीन मशीनों से बदलेगा कैंसर इलाज
कैंसर की पहचान और शरीर में उसके फैलाव का पता लगाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपए की पेट-सीटी स्कैन मशीन प्रस्तावित है। करीब 40 करोड़ रुपए की लिनियर एक्सीलेटर मशीन रेडिएशन किरणों से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करेगी। वहीं, करीब 10 करोड़ रुपए की ब्रैकीथैरेपी मशीन कैंसर प्रभावित हिस्से के भीतर या उसके पास रेडिएशन देकर इलाज करेगी। इससे ट्यूमर पर सटीक असर होगा और स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचेगा। तीनों मशीनों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई है।
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दोहरी ऊर्जा से सीधे ट्यूमर पर वार
नई रेडिएशन यूनिट में आधुनिक डुअल एनर्जी लिनियर एक्सीलेटर तकनीक का उपयोग किया जाना है। यह अलग-अलग ऊर्जा की रेडिएशन किरणों के जरिए कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाती है। इससे रेडिएशन का असर सीधे ट्यूमर पर केंद्रित किया जा सकता है और आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाला नुकसान कम होता है।
