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Bhopal: सड़क पर गंदगी फैलाने वाले सरकारी विभागों पर सख्त हुआ निगम, नोटिस जारी कर जल्द होगी कार्रवाई की शुरुआत
Thu, 16 Jul 2026 11:21 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:21 AM IST
सार
भोपाल में सरकारी विभागों द्वारा सड़कों पर निर्माण मलबा और गंदगी फैलाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, रेलवे समेत ऐसे सभी सरकारी संस्थानों के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।
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भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में अब सड़कों पर गंदगी और निर्माण मलबा फैलाने वाले सरकारी विभागों को भी छूट नहीं मिलेगी। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, रेलवे समेत सभी सरकारी संस्थानों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने अधिकारियों को ऐसे सभी संस्थानों को नोटिस जारी करने और नियमों के तहत जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए हैं।
लगातार शिकायतें मिल रही
नगर निगम को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई सरकारी विभाग निर्माण कार्यों के बाद सड़क किनारे निर्माण एवं विध्वंस मलबा (सी एंड डी वेस्ट) छोड़ रहे हैं। इससे सड़कों पर गंदगी फैल रही है, यातायात प्रभावित हो रहा है और शहर की सफाई व्यवस्था भी बिगड़ रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकारी या निजी संस्था, किसी को भी नियम तोड़ने की छूट नहीं मिलेगी। जहां भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर मलबा और गंदगी फैलाकर सफाई व्यवस्था में बाधा पहुंचाई जाएगी, वहां नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया जाएगा।
सिर्फ नोटिस नहीं, होगी वसूली भी
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि दोषी संस्थानों से जुर्माना भी वसूला जाए। साथ ही सड़कों पर पड़े निर्माण मलबे को तत्काल हटाने, नालों और तालाबों की सफाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
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यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, 35 जिलों में बारिश का घाटा, 19 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम
लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अतिक्रमण प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व वसूली तेज करने, अवैध निर्माण पर कार्रवाई और बड़े कचरा उत्पादकों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। यह पहली बार है जब नगर निगम ने खुले तौर पर सरकारी संस्थानों को भी शहर में गंदगी फैलाने के लिए जवाबदेह बनाते हुए उनके खिलाफ जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
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लगातार शिकायतें मिल रही
नगर निगम को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई सरकारी विभाग निर्माण कार्यों के बाद सड़क किनारे निर्माण एवं विध्वंस मलबा (सी एंड डी वेस्ट) छोड़ रहे हैं। इससे सड़कों पर गंदगी फैल रही है, यातायात प्रभावित हो रहा है और शहर की सफाई व्यवस्था भी बिगड़ रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकारी या निजी संस्था, किसी को भी नियम तोड़ने की छूट नहीं मिलेगी। जहां भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर मलबा और गंदगी फैलाकर सफाई व्यवस्था में बाधा पहुंचाई जाएगी, वहां नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया जाएगा।
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सिर्फ नोटिस नहीं, होगी वसूली भी
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि दोषी संस्थानों से जुर्माना भी वसूला जाए। साथ ही सड़कों पर पड़े निर्माण मलबे को तत्काल हटाने, नालों और तालाबों की सफाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
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लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अतिक्रमण प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व वसूली तेज करने, अवैध निर्माण पर कार्रवाई और बड़े कचरा उत्पादकों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। यह पहली बार है जब नगर निगम ने खुले तौर पर सरकारी संस्थानों को भी शहर में गंदगी फैलाने के लिए जवाबदेह बनाते हुए उनके खिलाफ जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
