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Bhopal News: नीट पेपर लीक मामले में भोपाल में उबाल, छात्रों ने खोला मोर्चा, परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 13 May 2026 05:40 PM IST
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सार
भोपाल में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर परीक्षा व्यवस्था में विफल रहने का आरोप लगाते हुए एजेंसी को खत्म करने और मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
भोपाल में विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 में पेपर लीक के आरोपों के बाद राजधानी भोपाल में छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन और युवा संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन ने ज्योति टॉकीज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी को खत्म करने, निष्पक्ष जांच कराने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
मध्य प्रदेश के छात्रों में बढ़ी चिंता
नीट-यूजी परीक्षा में हर साल मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल होते हैं। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र लंबे समय तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
बार-बार लीक हो रहे पेपर, टूट रहा भरोसा
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कभी पेपर लीक तो कभी परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। छात्रों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हो रहा है और लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि इतनी बड़ी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ी होना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर मिलीभगत का संकेत है। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को खत्म करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सीधे सरकार द्वारा आयोजित कराई जानी चाहिए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-MP में बढ़ी तपिश, पारा 46 डिग्री पार, मालवा-निमाड़ सबसे ज्यादा गर्म, 4 दिन तक लू का प्रकोप
छात्रों ने उठाए ये सवाल
- मेहनत करने वाले छात्रों की सुरक्षा कौन करेगा?
- बार-बार पेपर लीक होने की जिम्मेदारी किसकी है?
- परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?
- छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कब होगी?
यह भी पढ़ें-सीबीएसई बोर्ड 12वीं का परिणाम जारी, देश के 17 रीजन में 15वें स्थान पर रहा मध्य प्रदेश
पहले भी विवादों में रही परीक्षा व्यवस्था
पिछले कुछ वर्षों में कई राष्ट्रीय परीक्षाएं पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर विवादों में रही हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि अब छात्र संगठन सख्त कार्रवाई और पूरी परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
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मध्य प्रदेश के छात्रों में बढ़ी चिंता
नीट-यूजी परीक्षा में हर साल मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल होते हैं। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र लंबे समय तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
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बार-बार लीक हो रहे पेपर, टूट रहा भरोसा
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कभी पेपर लीक तो कभी परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। छात्रों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हो रहा है और लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि इतनी बड़ी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ी होना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर मिलीभगत का संकेत है। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को खत्म करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सीधे सरकार द्वारा आयोजित कराई जानी चाहिए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
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छात्रों ने उठाए ये सवाल
- मेहनत करने वाले छात्रों की सुरक्षा कौन करेगा?
- बार-बार पेपर लीक होने की जिम्मेदारी किसकी है?
- परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?
- छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कब होगी?
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पहले भी विवादों में रही परीक्षा व्यवस्था
पिछले कुछ वर्षों में कई राष्ट्रीय परीक्षाएं पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर विवादों में रही हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि अब छात्र संगठन सख्त कार्रवाई और पूरी परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

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