सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Protests outside banks in Bhopal against the new labor law, demanding the withdrawal of all four

Bhopal News: नए लेबर लॉ के खिलाफ भोपाल में बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन, चारों श्रम संहिताएं वापस लेने की मांग

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 12 Feb 2026 03:23 PM IST
विज्ञापन
सार

नए लेबर कानूनों के विरोध में भोपाल में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया और चारों श्रम संहिताएं वापस लेने की मांग की। शहर में सामान्य जनजीवन पर सीमित असर रहा, लेकिन यूनियनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार श्रमिकों से संवाद किए बिना कानून लागू कर रही है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।

Bhopal News: Protests outside banks in Bhopal against the new labor law, demanding the withdrawal of all four
भोपाल में हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

 केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को राजधानी भोपाल में कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के आह्वान पर बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक विभाग, केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और विभिन्न श्रमिक यूनियनों से जुड़े कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।शहर में पंजाब नेशनल बैंक के सामने कर्मचारियों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नई श्रम संहिताएं कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करती हैं और नौकरी की सुरक्षा पर खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों से स्थायी रोजगार की व्यवस्था प्रभावित होगी और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा कमज़ोर पड़ेगी।
Trending Videos


किन संगठनों ने लिया हिस्सा
आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा सहित कई ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन का समर्थन किया। बैंक और बीमा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की भी भागीदारी रही। कुछ संगठनों ने प्रतीकात्मक रूप से काम बंद कर विरोध जताया, जबकि कुछ ने समर्थन दर्ज कराते हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार श्रमिकों से संवाद किए बिना कानून लागू कर रही है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह भी पढ़ें-एमपी में बदला मौसम का मिजाज, बादल से तापमान में गिरावट, 5 दिन में दो सिस्टम होंगे सक्रिय


ये रहीं प्रमुख मांगें
1- चारों श्रम संहिताओं और उनसे जुड़े नियमों को निरस्त किया जाए।
2- ड्राफ्ट सीड बिल वापस लिया जाए।
3- बिजली संशोधन विधेयक रद्द किया जाए।
4- SHANTI एक्ट (न्यूक्लियर एनर्जी कानून) वापस लिया जाए।
5- मनरेगा को जारी रखा जाए और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
6- विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम 2025 को वापस लिया जाए।

यह भी पढ़ें-DPI में रिटायरमेंट के अगले दिन ही दोबारा पोस्टिंग? कांग्रेस ने खोला मोर्चा,विधानसभा में गूंजेगा मामला


जनजीवन पर सीमित असर
हालांकि राजधानी में प्रदर्शन हुए, लेकिन बाजार और सामान्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं रहीं। अधिकांश बैंक शाखाएं खुली रहीं, जिससे आम नागरिकों को बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। कुल मिलाकर भोपाल में यह प्रदर्शन श्रमिक संगठनों की एकजुटता का प्रदर्शन रहा, जिसमें कर्मचारियों ने अपने अधिकारों और रोजगार सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed