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भोपाल के स्कूलों पर अब कंट्रोल कमांड रूम की नजर: ड्रॉपआउट छिपाया तो कार्रवाई,हर छात्र की होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
Thu, 09 Jul 2026 06:08 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 09 Jul 2026 06:08 PM IST
सार
भोपाल जिले के सरकारी स्कूलों की निगरानी अब कंट्रोल कमांड रूम से होगी। जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने जा रहा है। ड्रॉपआउट विद्यार्थियों का रिकॉर्ड, अपार आईडी, स्कूल बसों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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विद्यार्थियों के बीच पहुंचे भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह निगरानी तंत्र के दायरे में आने वाली है। जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने के लिए जिला स्तर पर सेंट्रलाइज्ड एजुकेशन मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत कंट्रोल कमांड रूम स्थापित करने का फैसला लिया है। इसके माध्यम से स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों से लेकर विद्यार्थियों की उपस्थिति, ड्रॉपआउट, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी। सांदीपनी विद्यालय में समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।
गलत ड्रॉपआउट रिकॉर्ड पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों का सही और प्रमाणिक डेटा पोर्टल पर दर्ज किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर गलत जानकारी दी गई या लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रथम संपर्क अधिकारी भी बनाया।
हर विद्यार्थी की बनेगी अपार आईडी
बैठक में सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी शत-प्रतिशत तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आरटीई के तहत पात्र बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने और जिले में नामांकन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
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स्कूल बसों की सुरक्षा पर सख्ती
विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन अनिवार्य रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस और आरटीओ नियमित रूप से बसों की जांच करेंगे, जबकि चालकों और परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट भी कराया जाएगा।
हर छात्र सीखेगा एक व्यावहारिक कौशल
नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने अटल टिंकरिंग लैब को सक्रिय करने और प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम एक रोजगारोन्मुखी कौशल सिखाने के निर्देश दिए।
शिक्षकों के प्रशिक्षण और पीएम पोषण पर भी फोकस
बैठक में शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण, समग्र शिक्षा अभियान के निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने, विद्यालयों के सोलराइजेशन और पीएम पोषण योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
यह भी पढ़ें-सरदार सरोवर समझौता: कांग्रेस के सरकार से तीखे सवाल, एमपी के 7669 करोड़ किसके खाते में गए? श्वेत पत्र की मांग
अच्छे कामों की भी होगी मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने सभी सरकारी विद्यालयों से अपने नवाचार, उपलब्धियां और बेहतर व्यवस्थाओं की जानकारी फोटो और वीडियो के साथ नियमित रूप से जिला प्रशासन को भेजने को कहा, ताकि बेहतर कार्यों को अन्य स्कूलों में भी लागू किया जा सके। बैठक के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सांदीपनी विद्यालय का निरीक्षण किया, कक्षाओं का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के साथ भोजन कर उनसे संवाद भी किया।
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गलत ड्रॉपआउट रिकॉर्ड पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों का सही और प्रमाणिक डेटा पोर्टल पर दर्ज किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर गलत जानकारी दी गई या लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रथम संपर्क अधिकारी भी बनाया।
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हर विद्यार्थी की बनेगी अपार आईडी
बैठक में सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी शत-प्रतिशत तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आरटीई के तहत पात्र बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने और जिले में नामांकन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
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स्कूल बसों की सुरक्षा पर सख्ती
विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन अनिवार्य रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस और आरटीओ नियमित रूप से बसों की जांच करेंगे, जबकि चालकों और परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट भी कराया जाएगा।
हर छात्र सीखेगा एक व्यावहारिक कौशल
नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने अटल टिंकरिंग लैब को सक्रिय करने और प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम एक रोजगारोन्मुखी कौशल सिखाने के निर्देश दिए।
शिक्षकों के प्रशिक्षण और पीएम पोषण पर भी फोकस
बैठक में शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण, समग्र शिक्षा अभियान के निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने, विद्यालयों के सोलराइजेशन और पीएम पोषण योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
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अच्छे कामों की भी होगी मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने सभी सरकारी विद्यालयों से अपने नवाचार, उपलब्धियां और बेहतर व्यवस्थाओं की जानकारी फोटो और वीडियो के साथ नियमित रूप से जिला प्रशासन को भेजने को कहा, ताकि बेहतर कार्यों को अन्य स्कूलों में भी लागू किया जा सके। बैठक के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सांदीपनी विद्यालय का निरीक्षण किया, कक्षाओं का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के साथ भोजन कर उनसे संवाद भी किया।
