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MP News: प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र मामले में ढोल पिटवाने पर विवाद, अफसर पर कार्रवाई की मांग
Thu, 09 Jul 2026 07:39 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 09 Jul 2026 07:39 AM IST
सार
प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र मामले में गांवों में ढोल पिटवाकर सूचना देने के मामले में कई मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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नगरीय विकास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नगरीय विकास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में गांव में ढोल पिटवाकर सूचना देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मंत्रियों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों की जांच के लिए स्क्रीनिंग कमेटी अपना काम कर रही है, लेकिन सुनवाई से पहले बागरी के पैतृक गांव और ससुराल वाले गांव में ढोल पिटवाकर लोगों से उनकी जाति के संबंध में जानकारी मांगना उचित नहीं था।
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बताया गया कि इस मुद्दे को लेकर मंत्री गौतम टेटवाल, लखन पटेल, दिलीप अहिरवार और प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पहले भी कई जाति प्रमाण पत्र मामलों की जांच हुई है, लेकिन इस तरह ढोल पिटवाकर सूचना देने की परंपरा कभी नहीं रही। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जनजातीय कार्य विभाग के अधीन जनजातीय अनुसंधान संस्थान (टीआरआई) के एक अधिकारी के निर्देश पर कराई गई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने मंत्रियों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनुचित कार्रवाई हुई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार की शिकायत के बाद 6 जुलाई को स्क्रीनिंग कमेटी ने प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र मामले की सुनवाई की थी। सुनवाई से पहले ढोल पिटवाकर सूचना देने की प्रक्रिया को लेकर अब सरकार के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। मंत्रियों का कहना है कि इस तरह के आदेश देने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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बताया गया कि इस मुद्दे को लेकर मंत्री गौतम टेटवाल, लखन पटेल, दिलीप अहिरवार और प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पहले भी कई जाति प्रमाण पत्र मामलों की जांच हुई है, लेकिन इस तरह ढोल पिटवाकर सूचना देने की परंपरा कभी नहीं रही। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जनजातीय कार्य विभाग के अधीन जनजातीय अनुसंधान संस्थान (टीआरआई) के एक अधिकारी के निर्देश पर कराई गई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने मंत्रियों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनुचित कार्रवाई हुई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार की शिकायत के बाद 6 जुलाई को स्क्रीनिंग कमेटी ने प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र मामले की सुनवाई की थी। सुनवाई से पहले ढोल पिटवाकर सूचना देने की प्रक्रिया को लेकर अब सरकार के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। मंत्रियों का कहना है कि इस तरह के आदेश देने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
