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MP: भोपाल में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क पर व्यापारियों का हल्लाबोल, पूछा- दूसरे शहरों में नहीं तो हमसे क्यों?
Wed, 19 Aug 2026 02:00 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:00 PM IST
सार
MP News: भोपाल में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में धरना दिया। महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के सामने नाराजगी जताते हुए व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों में यह शुल्क नहीं लिया जा रहा, फिर भोपाल के कारोबारियों पर ही अतिरिक्त भार क्यों? व्यापारियों ने शुल्क तत्काल वापस लेने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर...
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भोपाल में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को लेकर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भोपाल में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को लेकर व्यापारियों का विरोध बुधवार को सड़क से नगर निगम कार्यालय तक पहुंच गया। शुल्क समाप्त करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में व्यापारी आईएसबीटी स्थित नगर निगम दफ्तर पहुंचे और धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। व्यापारियों ने कहा कि वर्षों से वे इस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश के दूसरे शहरों में ऐसी व्यवस्था लागू नहीं है।
महापौर और निगम अध्यक्ष से मुलाकात कर रखीं समस्याएं
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद व्यापारिक प्रतिनिधियों ने महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सामने रखीं। व्यापारियों ने कहा कि कारोबारियों पर पहले से कई तरह के कर और शुल्क की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद भोपाल में अलग से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क वसूला जाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
सिर्फ भोपाल में ही शुल्क क्यों?
व्यापारियों ने निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही उठाया कि जब मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में व्यापारियों से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क नहीं लिया जा रहा है, तो राजधानी भोपाल में इसे लागू रखने की जरूरत क्यों है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि एक ही प्रदेश में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए शुल्क की व्यवस्था अलग-अलग नहीं होनी चाहिए। उनका आरोप है कि भोपाल के व्यापारियों पर यह अतिरिक्त भार डालकर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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शहर की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों की बड़ी भूमिका
व्यापारियों ने कहा कि भोपाल का कारोबारी वर्ग शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी देता है। व्यापारी अलग-अलग करों और शुल्क के माध्यम से सरकार को राजस्व भी देते हैं। ऐसे में कारोबार को आसान बनाने और व्यापारियों को राहत देने के बजाय अतिरिक्त शुल्क लगाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि बाजार में पहले से ही कारोबार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में लाइसेंस शुल्क के रूप में अतिरिक्त राशि देना छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है।
ये भी पढ़ें- जिस दतिया को कुपोषण पर मिला था सम्मान: वहीं 16 महीने की नीलू ने तोड़ा दम; छह की हालत गंभीर, व्यवस्था पर सवाल
शुल्क वापस लेने की मांग
व्यापारिक प्रतिनिधियों ने नगर निगम से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क की व्यवस्था पर दोबारा विचार कर इसे खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के अन्य शहरों में इस तरह का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, तो भोपाल में इसकी वसूली का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने निगम के महापौर और अध्यक्ष के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए शुल्क वापस लेने की मांग रखी। उनका कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे और कारोबारियों को इस अतिरिक्त आर्थिक भार से राहत दिलाने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।
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महापौर और निगम अध्यक्ष से मुलाकात कर रखीं समस्याएं
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद व्यापारिक प्रतिनिधियों ने महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सामने रखीं। व्यापारियों ने कहा कि कारोबारियों पर पहले से कई तरह के कर और शुल्क की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद भोपाल में अलग से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क वसूला जाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
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सिर्फ भोपाल में ही शुल्क क्यों?
व्यापारियों ने निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही उठाया कि जब मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में व्यापारियों से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क नहीं लिया जा रहा है, तो राजधानी भोपाल में इसे लागू रखने की जरूरत क्यों है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि एक ही प्रदेश में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए शुल्क की व्यवस्था अलग-अलग नहीं होनी चाहिए। उनका आरोप है कि भोपाल के व्यापारियों पर यह अतिरिक्त भार डालकर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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शहर की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों की बड़ी भूमिका
व्यापारियों ने कहा कि भोपाल का कारोबारी वर्ग शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी देता है। व्यापारी अलग-अलग करों और शुल्क के माध्यम से सरकार को राजस्व भी देते हैं। ऐसे में कारोबार को आसान बनाने और व्यापारियों को राहत देने के बजाय अतिरिक्त शुल्क लगाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि बाजार में पहले से ही कारोबार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में लाइसेंस शुल्क के रूप में अतिरिक्त राशि देना छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है।
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शुल्क वापस लेने की मांग
व्यापारिक प्रतिनिधियों ने नगर निगम से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क की व्यवस्था पर दोबारा विचार कर इसे खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के अन्य शहरों में इस तरह का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, तो भोपाल में इसकी वसूली का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने निगम के महापौर और अध्यक्ष के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए शुल्क वापस लेने की मांग रखी। उनका कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे और कारोबारियों को इस अतिरिक्त आर्थिक भार से राहत दिलाने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।
