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MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर बरसेंगे बादल, तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट; अगले चार दिन बढ़ेगा बारिश का दायरा
Wed, 19 Aug 2026 07:50 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:50 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। आज टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में 8 इंच तक अति भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। प्रदेश में अब तक 22.6 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से 12% कम है। अगले 4 दिनों में बारिश का असर पश्चिमी हिस्सों तक बढ़ने के आसार हैं।
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मौसम
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर जारी है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणाली के असर से बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है। जबलपुर समेत 12 जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर बना अवदाब अब पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश करा रहा है। 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में इसका सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है। इसके बाद 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का प्रभाव धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकता है।
12 जिलों में भारी बारिश
टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
इधर लगातार बारिश के बीच जबलपुर के बरगी बांध के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रदेश में 22.6 इंच बारिश, अभी भी 12% कमी
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी 22.6 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 651.4 मिलीमीटर यानी 25.6 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और कुल कमी 12 प्रतिशत है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यदि अगले कुछ दिनों में तेज बारिश का दौर जारी रहता है, तो प्रदेश बारिश के सामान्य आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकता है।
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40 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश के 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कमी 19 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक बारिश कम है।
ये भी पढ़ें- Ujjain: भांग, बेलपत्र और त्रिपुंड से सजे बाबा महाकाल; भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
अगले चार दिन बारिश का दायरा बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश ने रफ्तार पकड़ी और महीने का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े में सक्रिय सिस्टम के कारण फिर बारिश तेज होने के संकेत हैं। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
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12 जिलों में भारी बारिश
टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
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इधर लगातार बारिश के बीच जबलपुर के बरगी बांध के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रदेश में 22.6 इंच बारिश, अभी भी 12% कमी
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी 22.6 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 651.4 मिलीमीटर यानी 25.6 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और कुल कमी 12 प्रतिशत है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यदि अगले कुछ दिनों में तेज बारिश का दौर जारी रहता है, तो प्रदेश बारिश के सामान्य आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकता है।
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40 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश के 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कमी 19 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक बारिश कम है।
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15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
अगले चार दिन बारिश का दायरा बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश ने रफ्तार पकड़ी और महीने का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े में सक्रिय सिस्टम के कारण फिर बारिश तेज होने के संकेत हैं। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
