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भोपाल में कैब चालक हड़ताल पर: लोगों की बढ़ी परेशानी,ऑटो वालों ने बढ़ाया किराया,कल बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन
Tue, 18 Aug 2026 06:51 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 18 Aug 2026 06:51 PM IST
सार
भोपाल में कैब सेवा बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेलवे स्टेशन पर ऑनलाइन कैब नहीं मिलने के कारण यात्रियों को ऑटो और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ा। टैक्सी चालक सरकार से किराया तय करने और निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक की मांग कर रहे हैं। 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस पर प्रदर्शन के बाद आगे की रणनीति तय होगी।
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टैक्सी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में कैब चालकों की हड़ताल ने शहर की परिवहन व्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात से ओला, उबर सहित अन्य ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं बंद होने के बाद बुधवार सुबह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों ने मोबाइल से कई बार कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन वाहन नहीं मिला। ऐसे में यात्रियों को ऑटो और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। कैब की कमी के बीच कुछ यात्रियों से ऑटो चालकों पर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ से दो गुना तक किराया मांगा जा रहा है। सामान के साथ स्टेशन से बाहर निकले यात्रियों को वाहन मिलने में भी काफी समय लगा। हालांकि कुछ टैक्सी चालक इस हड़ताल में शामिल नहीं हुए और कैब चलाते दिखे।
हड़ताल के बीच स्टेशन पहुंचने वाली कैब भी रोकी
हड़ताल के बावजूद कुछ कैब बुकिंग लेकर यात्रियों को छोड़ने स्टेशन पहुंचीं। संगठन से जुड़े लोगों ने ऐसी गाड़ियों को रोककर चालकों से हड़ताल में शामिल रहने की अपील की। यात्रियों को किराया भुगतान नहीं करने के लिए भी कहा गया।
किराया तय कराने की मांग पर अड़े चालक
टैक्सी चालक संगठनों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियों के स्तर पर किराया तय होने से चालकों को पर्याप्त कमाई नहीं हो रही है। ईंधन, वाहन की किस्त, बीमा और रखरखाव का खर्च बढ़ने के बावजूद किराए में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। संगठन सरकार से प्रति किलोमीटर उचित दर के साथ आधार किराया और समय के हिसाब से शुल्क तय कराने की मांग कर रहा है। साथ ही तय दर पर ही एग्रीगेटर कंपनियों को सेवा संचालित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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निजी नंबर के वाहनों पर भी आपत्ति
टैक्सी संघ ने निजी नंबर की कारों, बाइकों और ई-रिक्शा के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसे वाहनों के जरिए यात्रियां ढोने से लाइसेंस और परमिट लेकर टैक्सी चलाने वाले चालकों की आमदनी प्रभावित होती है।
19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस पर प्रदर्शन
टैक्सी संगठनों ने 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना देने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। परिवहन अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में अभी कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है। परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय होने की बात कही गई है। आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि कैब संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें-भोपाल के दुकानदारों को जल्द राहत नहीं: सुप्रीम कोर्ट से ही उम्मीद, सड़कों पर उतरे व्यापारी,किया शक्ति प्रदर्शन
समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन बंद
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर किराया निर्धारण और दूसरी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन टैक्सी बंद में बदला जा सकता है। फिलहाल हड़ताल का असर सबसे ज्यादा रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख यात्री मार्गों पर दिखाई दे रहा है।
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हड़ताल के बीच स्टेशन पहुंचने वाली कैब भी रोकी
हड़ताल के बावजूद कुछ कैब बुकिंग लेकर यात्रियों को छोड़ने स्टेशन पहुंचीं। संगठन से जुड़े लोगों ने ऐसी गाड़ियों को रोककर चालकों से हड़ताल में शामिल रहने की अपील की। यात्रियों को किराया भुगतान नहीं करने के लिए भी कहा गया।
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किराया तय कराने की मांग पर अड़े चालक
टैक्सी चालक संगठनों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियों के स्तर पर किराया तय होने से चालकों को पर्याप्त कमाई नहीं हो रही है। ईंधन, वाहन की किस्त, बीमा और रखरखाव का खर्च बढ़ने के बावजूद किराए में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। संगठन सरकार से प्रति किलोमीटर उचित दर के साथ आधार किराया और समय के हिसाब से शुल्क तय कराने की मांग कर रहा है। साथ ही तय दर पर ही एग्रीगेटर कंपनियों को सेवा संचालित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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निजी नंबर के वाहनों पर भी आपत्ति
टैक्सी संघ ने निजी नंबर की कारों, बाइकों और ई-रिक्शा के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसे वाहनों के जरिए यात्रियां ढोने से लाइसेंस और परमिट लेकर टैक्सी चलाने वाले चालकों की आमदनी प्रभावित होती है।
19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस पर प्रदर्शन
टैक्सी संगठनों ने 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना देने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। परिवहन अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में अभी कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है। परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय होने की बात कही गई है। आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि कैब संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन बंद
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर किराया निर्धारण और दूसरी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन टैक्सी बंद में बदला जा सकता है। फिलहाल हड़ताल का असर सबसे ज्यादा रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख यात्री मार्गों पर दिखाई दे रहा है।
