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जनगणना 2027 का शुभारंभ: सीएम बोले-देश के विकास की मजबूत नींव है जनगणना; 1 मई से होगी मकानों की सूची तैयार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 16 Apr 2026 07:51 PM IST
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सार

मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो इस बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी। सरकार ने नागरिकों से सही जानकारी देने की अपील की है, ताकि विकास योजनाएं बेहतर बन सकें।

Census 2027 launched: CM says census is a strong foundation for the country's development
सीएम ने स्व-गणना पोर्टल पर प्रारंभिक पंजीकरण कर जनगणना की शुरुआत की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण कर इस अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण आधार है। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि विकास की योजनाएं हर व्यक्ति तक पहुंच रही हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ऑनलाइन स्व-गणना की जाएगी, जबकि 1 से 30 मई तक मकानों की सूची तैयार की जाएगी। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की जा रही है, जिससे काम और अधिक सटीक और आसान होगा। सीएम ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना में सही और पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है। साथ ही, जनगणना में लगे अधिकारी और कर्मचारी देश निर्माण का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।
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राजधानी में 6 हजार कर्मचारी करेंगे सर्वे
राजधानी भोपाल में जनगणना कार्य के लिए लगभग 6 हजार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पूरे शहर को 25 जोन में विभाजित किया गया है, जहां प्रत्येक प्रगणक (एन्यूमरेटर) को औसतन 200 मकानों का सर्वे सौंपा गया है। इसके साथ ही हर जोन में पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं, जो डेटा की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करेंगे। 

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दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
जनगणना की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकानों की गणना, उनकी स्थिति, उपयोग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरे चरण में परिवारों और व्यक्तियों से संबंधित सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक जानकारी जुटाई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाएगी, जिससे भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें। 

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डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी एंट्री
इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है। ‘ स्व-गणना पोर्टल’ और मोबाइल एप के माध्यम से प्रगणक सीधे डेटा एंट्री करेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। जिन नागरिकों के पास इंटरनेट सुविधा है, वे स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। गृह विभाग ने जनगणना के दौरान संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर महिला सदस्यों से जुड़ी जानकारी एकत्र करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनसे पति या अन्य पुरुष सदस्य का नाम पूछने के लिए बाध्य न किया जाए। इससे महिला सम्मान और गोपनीयता की रक्षा होगी।

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विभिन्न विभागों के अधिकारी लगाए गए ड्यूटी पर
जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया है। नगरीय निकाय, पंचायत, शिक्षा, राजस्व और अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रगणक और सुपरवाइजर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन सभी को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे तकनीकी और व्यवहारिक दोनों स्तर पर दक्ष होकर काम कर सकें प्रशासन ने जनगणना से जुड़े कर्मचारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इसमें डेटा संग्रह की प्रक्रिया, नागरिकों से संवाद, तकनीकी उपकरणों का उपयोग और समस्या समाधान के तरीके सिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिला और राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है, जिससे हर चरण की निगरानी की जा सके।

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