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एम्स में अंगदान-ट्रांसप्लांट पर मंथन: AI से बदलेगी इलाज की तस्वीर, आभार कार्ड से डोनर परिवारों को प्राथमिकता
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 25 Mar 2026 07:33 PM IST
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सार
एम्स भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय सीएमई में अंगदान और ऑर्गन ट्रांसप्लांट को लेकर बड़ा मंथन हुआ, जिसमें एआई की भूमिका पर विशेष फोकस रहा। विशेषज्ञों ने डोनर की कमी दूर करने, ट्रांसप्लांट सिस्टम मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। डोनर परिवारों के लिए आभार कार्ड की शुरुआत की गई।
एम्स में जुटे विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के एम्स में बुधवार को अंगदान और ऑर्गन ट्रांसप्लांट सिस्टम को लेकर बड़ा मंथन हुआ, जहां देशभर के विशेषज्ञों ने साफ कहा कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बिना आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी हैं। कार्यक्रम में डोनर की कमी, ट्रांसप्लांट की चुनौतियों और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर गंभीर चर्चा हुई। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज के सहयोग से आयोजित इस राष्ट्रीय सीएमई में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम एम्स भोपाल के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्रा और कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
डोनर बढ़ाने पर जोर, THOTA को मजबूत करने की बात
पहले सत्र में विशेषज्ञों ने साफ कहा कि देश में अंगों की भारी कमी है और ट्रांसप्लांट की मांग तेजी से बढ़ रही है। ब्रेन डेथ (DBD) और कार्डियक डेथ (DCD) मॉडल को बढ़ाने पर जोर दिया गया जबकि मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA) को और प्रभावी बनाने की जरूरत बताई गई। वहीं अस्पतालों में ट्रांसप्लांट सिस्टम को मजबूत करने पर फोकस करने पर जोर दिया गया। इस दौरान पीजीआई के पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) योगेश चावला ने भारत में ट्रांसप्लांट की स्थिति पर मुख्य व्याख्यान दिया।
AI से बदलेगी हेल्थकेयर की दिशा
दूसरे सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की चिकित्सा का आधार बताया गया।डिजिटल पैथोलॉजी,जीनोमिक्स और प्रिसिजन मेडिसिन,ह्यूमन डिजिटल ट्विन्स,टेलीमेडिसिन और हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट
इन तकनीकों के जरिए इलाज को तेज, सटीक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। एम्स भोपाल में चल रहे AI आधारित रिसर्च की भी झलक पेश की गई। इस सत्र में प्रो. (डॉ.) वाईके गुप्ता ने विशेष व्याख्यान दिया।
यह भी पढ़ें-कक्षा पांच का रिजल्ट जारी, 95.14 % विद्यार्थी पास; छात्राएं रहीं अव्वल
डोनर परिवारों के लिए आभार कार्ड की शुरुआत
कार्यक्रम की सबसे अहम पहल रही आभार कार्ड की शुरुआत की गई। इस कार्ड के तहत अंगदान करने वाले मरीजों के परिजनों को ओपीडी में और जरूरत के अनुसार सर्जरी में प्राथमिकता दी जाएगी।साथ ही जांच सेवाओं में आसान पहुंच जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इस मौके पर एम्स भोपाल में नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) सेल का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) दिगंबर बेहरा ने किया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को अंगदान की शपथ भी दिलाई गई।
यह भी पढ़ें-5वीं-8वीं में छोटे जिलों का परचम,बड़े शहरों की रफ्तार पड़ी धीमी,राजधानी टॉप से बाहर
पैनल चर्चा में IIT और एम्स के विशेषज्ञ शामिल
पैनल डिस्कशन में एम्स ऋषिकेश, आईआईटी इंदौर और मैनिट भोपाल के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। AI के व्यावहारिक इस्तेमाल, चुनौतियों और संभावनाओं पर खुलकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में कई प्रमुख विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) वेलु नायर, डॉ. सोनल अस्थाना, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अतरेयी घोष समेत अन्य शामिल हैं। डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
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डोनर बढ़ाने पर जोर, THOTA को मजबूत करने की बात
पहले सत्र में विशेषज्ञों ने साफ कहा कि देश में अंगों की भारी कमी है और ट्रांसप्लांट की मांग तेजी से बढ़ रही है। ब्रेन डेथ (DBD) और कार्डियक डेथ (DCD) मॉडल को बढ़ाने पर जोर दिया गया जबकि मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA) को और प्रभावी बनाने की जरूरत बताई गई। वहीं अस्पतालों में ट्रांसप्लांट सिस्टम को मजबूत करने पर फोकस करने पर जोर दिया गया। इस दौरान पीजीआई के पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) योगेश चावला ने भारत में ट्रांसप्लांट की स्थिति पर मुख्य व्याख्यान दिया।
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दूसरे सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की चिकित्सा का आधार बताया गया।डिजिटल पैथोलॉजी,जीनोमिक्स और प्रिसिजन मेडिसिन,ह्यूमन डिजिटल ट्विन्स,टेलीमेडिसिन और हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट
इन तकनीकों के जरिए इलाज को तेज, सटीक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। एम्स भोपाल में चल रहे AI आधारित रिसर्च की भी झलक पेश की गई। इस सत्र में प्रो. (डॉ.) वाईके गुप्ता ने विशेष व्याख्यान दिया।
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डोनर परिवारों के लिए आभार कार्ड की शुरुआत
कार्यक्रम की सबसे अहम पहल रही आभार कार्ड की शुरुआत की गई। इस कार्ड के तहत अंगदान करने वाले मरीजों के परिजनों को ओपीडी में और जरूरत के अनुसार सर्जरी में प्राथमिकता दी जाएगी।साथ ही जांच सेवाओं में आसान पहुंच जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इस मौके पर एम्स भोपाल में नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) सेल का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) दिगंबर बेहरा ने किया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को अंगदान की शपथ भी दिलाई गई।
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