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Bhopal News: हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर बनकर ठगी, मरीजों के परिजनों से वसूले हजारों रुपये, आरोपी गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sat, 07 Feb 2026 08:45 AM IST
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सार

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर बनकर एक जालसाज ने मरीजों के परिजनों से ऑनलाइन ठगी की। बेहतर इलाज और ऑपरेशन का झांसा देकर हजारों रुपये वसूले गए। पुलिस ने इंदौर से आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में अस्पताल कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच चल रही है।

Bhopal News: Patients' relatives defrauded at Hamidia Hospital.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी भोपाल की शासकीय हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से एक जालसाज ने डॉक्टर बनकर ठगी की है। जालसाज को हमीदिया में भर्ती मरीजों का डाटा अस्पताल के कर्मचारियों, आउससोर्स कर्मचारियों द्वारा पहुंचाए जाने की आशंका है। जालसाज हमीदिया में भर्ती करीब 10 से अधिक मरीजों के परिजनों को डॉक्टर बनकर फोन किया और बेहतर इलाज, इमरजेंसी में महंगी जांच और सुरक्षित ऑपरेशन का झांसा देकर पांच से दस हजार तक की राशि ऑनलाइन अपने और कुछ अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली।
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राशि ट्रांसफर करने के बाद परिजनों ने जब अपने मरीज के बेहतर इलाज के संबंध में उक्त नंबर पर बात करना चाहा तो नंबर बंद आने लगा। कई बार नंबर चालू मिला, लेकिन जालसाज ने मरीज के परिजन का नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद कुछ लोगों ने हमीदिया के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन के पास शिकायत की। इसके बाद अधीक्षक डॉ. टंडन ने पीड़ित मरीज के जरिए ठग को दोबारा संपर्क कर अन्य मरीज के बेहतर इलाज के लिए पैसे देने का लालच किया और बात की। इसके बाद साइबर पुलिस और भोपाल क्राइम ब्रांच ने जालसाज के नंबर को ट्रेस किया, जो इंदौर में एक्टिव मिला। इकसे बाद भोपाल पुलिस ने इंदौर पुलिस से संपर्क किया और वहां पहुंचकर आरोपी को धर दबोचा। जालसाज की पहचान 36 वर्षीय जितेंद्र खाकरे के रूप में हुई है। जितेन्द्र खाकरे मूलत: बैतूल का रहने वाला है।
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क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच
भोपाल पुलिस और हमीदिया प्रबंधन के बुने जाल में तीन दिन बाद जालसाज फंस गया और उसे गिरफ्तार का कोहेफिजा थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है। जालसाज से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों के मोबाइल नंबर, उनकी बीमारी और चल रहे इलाज के संबंध में सटीक जानकारी अस्पताल के कौन-कौन कर्मचारी दे रहे थे। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन दोनों को आशंका है कि हमीदिया में कार्य करने वाले कर्मचारियों जिनमें आउटसोर्स भी शामिल हो सकते हैं उन्होंने मरीजों का डाटा जालसाज तक पहुंचाया होगा। पुलिस अब जालसाज के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि उसके संपर्क में रहने वाले अस्पताल के कर्मचारियों का पता लगाया जा सके।

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भरोसे में आकर दस से अधिक मरीजों के परिजनों ने दी राशि
जानकारी के अनुसार जालसज के भरोसे में आकर हमीदिया में भर्ती करीब दस से अधिक मरीजों के परिजनों ने पांच से दस हजार तक की राशि जालसाज के बताए मोबाइल नंबर व बैंक खातों में ट्रांसफर कराई थी। जालसाज ने सबसे पहले विनोद अहिरवार नाम के व्यक्ति को फोन कर दस हजार मांगे थे। विनोद की पत्नी हमीदिया में भर्ती थीं। उनका ऑपरेशन होना था।

कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा नेटवर्क
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि जालसाज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जालसाज जितेन्द्र खाकरे ठगी के नेटवर्क को अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से संचालित कर रहा था। कर्मचारी ही मरीजों की जानकारी उस तक पहुंचाते थे। कर्मचारियों की शिनाख्ती के प्रयास किए जा रहे हैं। जो भी कर्मचारी संलिप्त पाया जाएगा, उसे भी आरोपी बनाया जाएगा।

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