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भोपाल में खाद्य विभाग का एक्शन: गंदगी के बीच बन रहे थे कुकीज-गुलाब जामुन, गलत पते के लाइसेंस पर फैक्ट्री सील
Fri, 03 Jul 2026 06:15 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 03 Jul 2026 06:15 PM IST
सार
भोपाल के अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बीके फूड प्रोडक्ट्स पर छापा मारकर फैक्ट्री सील कर दी। जांच में गलत पते का एफएसएसएआई लाइसेंस, खुले में रखे खाद्य पदार्थ, गंदगी, पेस्ट कंट्रोल की कमी, 11 कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र का अभाव और वेज खाद्य सामग्री के साथ अंडों का भंडारण जैसी गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
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जांच करने पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया (ईंटखेड़ी) में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अमानक परिस्थितियों में संचालित बेकरी एवं मिठाई निर्माण इकाई बीके फूड प्रोडक्ट्स को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन, गंदगी और कई गंभीर अनियमितताएं मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल उत्पादन बंद कराते हुए परिसर को अगले आदेश तक सील कर दिया।
खुले में रखे मिले कुकीज, गुलाब जामुन और क्रीम रोल
निरीक्षण के दौरान कुकीज, गुलाब जामुन, क्रीम रोल और क्रीम बिस्कुट सहित कई खाद्य उत्पाद खुले और असुरक्षित हालात में रखे मिले। बारिश के मौसम में इस तरह खाद्य सामग्री का भंडारण संक्रमण और खाद्य प्रदूषण का बड़ा कारण बन सकता है। जांच के दौरान फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के शेड्यूल-4 का उल्लंघन पाया गया। उत्पादन क्षेत्र में आवश्यक टाइल्स नहीं थीं, पेस्ट कंट्रोल की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही उसका प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। साफ-सफाई के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
11 कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं मिले
फैक्ट्री में कार्यरत 11 कर्मचारियों 6 महिला और 5 पुरुष में से किसी के पास भी स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल फिटनेस) का प्रमाण पत्र नहीं मिला। खाद्य निर्माण इकाइयों में यह व्यवस्था अनिवार्य होने के बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा था।
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वेज खाद्य सामग्री के साथ रखे थे अंडे
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अंडों का भंडारण शाकाहारी खाद्य सामग्री के साथ किया जा रहा था। अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। मौके पर पंचनामा तैयार कर फैक्ट्री को अगले आदेश तक सील कर दिया गया।
बिना लाइसेंस चलने वाली यूनिटों पर चलेगा अभियान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने कहा कि जिले में बिना वैध लाइसेंस संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और बिना लाइसेंस संचालन करने वाली यूनिटों को बंद कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें-भोपाल में महिला कांग्रेस का सद्बुद्धि यज्ञ: राम मंदिर चंदे के हिसाब की मांग,दिग्विजय बोले-अयोध्या कोर्ट जाएंगे
गलत पते के लाइसेंस पर चल रही थी यूनिट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव और साधना सक्सेना की टीम ने प्लॉट नंबर-96, अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित यूनिट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान संचालक इंद्र कुकेरेजा से एफएसएसएआई लाइसेंस मांगा गया। उन्होंने जो लाइसेंस प्रस्तुत किया, वह बैरसिया रोड स्थित लाम्बाखेड़ा के पते का था। जांच में सामने आया कि अचारपुरा स्थित फैक्ट्री पिछले करीब एक महीने से बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी।
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खुले में रखे मिले कुकीज, गुलाब जामुन और क्रीम रोल
निरीक्षण के दौरान कुकीज, गुलाब जामुन, क्रीम रोल और क्रीम बिस्कुट सहित कई खाद्य उत्पाद खुले और असुरक्षित हालात में रखे मिले। बारिश के मौसम में इस तरह खाद्य सामग्री का भंडारण संक्रमण और खाद्य प्रदूषण का बड़ा कारण बन सकता है। जांच के दौरान फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के शेड्यूल-4 का उल्लंघन पाया गया। उत्पादन क्षेत्र में आवश्यक टाइल्स नहीं थीं, पेस्ट कंट्रोल की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही उसका प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। साफ-सफाई के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
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11 कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं मिले
फैक्ट्री में कार्यरत 11 कर्मचारियों 6 महिला और 5 पुरुष में से किसी के पास भी स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल फिटनेस) का प्रमाण पत्र नहीं मिला। खाद्य निर्माण इकाइयों में यह व्यवस्था अनिवार्य होने के बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा था।
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वेज खाद्य सामग्री के साथ रखे थे अंडे
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अंडों का भंडारण शाकाहारी खाद्य सामग्री के साथ किया जा रहा था। अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। मौके पर पंचनामा तैयार कर फैक्ट्री को अगले आदेश तक सील कर दिया गया।
बिना लाइसेंस चलने वाली यूनिटों पर चलेगा अभियान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने कहा कि जिले में बिना वैध लाइसेंस संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और बिना लाइसेंस संचालन करने वाली यूनिटों को बंद कराया जाएगा।
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गलत पते के लाइसेंस पर चल रही थी यूनिट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव और साधना सक्सेना की टीम ने प्लॉट नंबर-96, अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित यूनिट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान संचालक इंद्र कुकेरेजा से एफएसएसएआई लाइसेंस मांगा गया। उन्होंने जो लाइसेंस प्रस्तुत किया, वह बैरसिया रोड स्थित लाम्बाखेड़ा के पते का था। जांच में सामने आया कि अचारपुरा स्थित फैक्ट्री पिछले करीब एक महीने से बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी।
