{"_id":"6a5e43485af7a752b10f5466","slug":"heated-debate-over-fertilizers-and-seeds-umang-says-farmers-are-receiving-only-otps-not-fertilizers-ministe-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद-बीज पर तीखी बहस: उमंग बोले- किसान को खाद नहीं, सिर्फ OTP मिल रहा; मंत्री कंसाना ने कहा- कमी की बात गलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद-बीज पर तीखी बहस: उमंग बोले- किसान को खाद नहीं, सिर्फ OTP मिल रहा; मंत्री कंसाना ने कहा- कमी की बात गलत
Mon, 20 Jul 2026 09:18 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 20 Jul 2026 09:18 PM IST
सार
मध्यप्रदेश विधानसभा में खाद-बीज और कम बारिश के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसानों को खाद नहीं मिलने का आरोप लगाया, जबकि कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रदेश में खाद-बीज की कोई कमी नहीं है।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठवां दिन आज।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मानसून सत्र के पहले दिन नियम-139 के तहत खाद-बीज की उपलब्धता और कम बारिश की स्थिति पर सदन में लंबी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हर साल पर्याप्त खाद का दावा किया जाता है, लेकिन किसान समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान हैं। सिंघार ने कहा कि किसान यूरिया के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहता है, लेकिन उसे खाद की जगह सिर्फ ओटीपी मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार सर्वर डाउन होने के कारण किसान बिना खाद लिए लौट जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर खाद का वितरण किया जाए, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगे और किसानों को आसानी से खाद मिल सके। उन्होंने कहा कि मुद्दा सरकारी आंकड़ों का नहीं, बल्कि किसानों तक खाद पहुंचने का है। सरकार चाहे तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की संयुक्त समिति (जेपीसी) बनाकर किसानों के बीच जाए, जिससे जमीनी स्थिति सामने आ जाएगी। हालांकि सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
ये भी पढ़ें- गुरु पूर्णिमा से पहले सांदीपनि विद्यालयों करें लोकार्पण: CM बोले- महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व प्रदेशभर मनेगा
कमी वाले क्षेत्र की जानकारी दें, तुरंत पहुंचाएंगे
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कमी है तो संबंधित विधायक जानकारी दें, सरकार तुरंत व्यवस्था करेगी। कंसाना ने कहा कि यदि किसानों को खाद-बीज नहीं मिल रहा होता तो मध्यप्रदेश लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार नहीं जीतता। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसानों को खाद नहीं मिलने की बात तथ्यहीन है। बहस के दौरान मंत्री कंसाना के एक बयान पर सदन में हंगामा भी हुआ। उन्होंने कहा कि जो किसान और सेना का अपमान करता है, वह सत्ता में आने के योग्य नहीं है। इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और कुछ देर तक सदन में नोकझोंक चली।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP विधानसभा: पहले ही दिन यूसीसी समेत 14 विधेयक पेश, कार्यसूची में नहीं थे नाम; कांग्रेस ने जताई आपत्ति
किसानों के साथ सरकार खड़ी
सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस वर्ष को 'कृषि कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। सारंग ने कहा कि प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा जरूर हुई है, लेकिन औसतन केवल 16 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल अलीराजपुर जिला अल्प वर्षा की श्रेणी में है। मंत्री ने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल लागू किया गया है। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए 10 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और 16 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
ये भी पढ़ें- MP News: छह महीने में 8.25 लाख बेरोजगार कैसे कम हो गए? प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सरकार से मांगा जवाब
5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हैं
सारंग ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल 5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है और इसकी कोई कमी नहीं है। इसके अलावा 27 लाख मीट्रिक टन बीज भी भंडारित है। बीज उत्पादन और वितरण का कार्य बीज संघ के माध्यम से किया जा रहा है। सारंग ने कहा कि प्रदेश की मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में अब तक 16 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है। वहीं वर्ष 2025 में 11.54 लाख किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और सरकार किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- गुरु पूर्णिमा से पहले सांदीपनि विद्यालयों करें लोकार्पण: CM बोले- महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व प्रदेशभर मनेगा
विज्ञापन
कमी वाले क्षेत्र की जानकारी दें, तुरंत पहुंचाएंगे
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कमी है तो संबंधित विधायक जानकारी दें, सरकार तुरंत व्यवस्था करेगी। कंसाना ने कहा कि यदि किसानों को खाद-बीज नहीं मिल रहा होता तो मध्यप्रदेश लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार नहीं जीतता। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसानों को खाद नहीं मिलने की बात तथ्यहीन है। बहस के दौरान मंत्री कंसाना के एक बयान पर सदन में हंगामा भी हुआ। उन्होंने कहा कि जो किसान और सेना का अपमान करता है, वह सत्ता में आने के योग्य नहीं है। इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और कुछ देर तक सदन में नोकझोंक चली।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP विधानसभा: पहले ही दिन यूसीसी समेत 14 विधेयक पेश, कार्यसूची में नहीं थे नाम; कांग्रेस ने जताई आपत्ति
किसानों के साथ सरकार खड़ी
सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस वर्ष को 'कृषि कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। सारंग ने कहा कि प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा जरूर हुई है, लेकिन औसतन केवल 16 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल अलीराजपुर जिला अल्प वर्षा की श्रेणी में है। मंत्री ने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल लागू किया गया है। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए 10 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और 16 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
ये भी पढ़ें- MP News: छह महीने में 8.25 लाख बेरोजगार कैसे कम हो गए? प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सरकार से मांगा जवाब
5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हैं
सारंग ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल 5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है और इसकी कोई कमी नहीं है। इसके अलावा 27 लाख मीट्रिक टन बीज भी भंडारित है। बीज उत्पादन और वितरण का कार्य बीज संघ के माध्यम से किया जा रहा है। सारंग ने कहा कि प्रदेश की मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में अब तक 16 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है। वहीं वर्ष 2025 में 11.54 लाख किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और सरकार किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
