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रिहायशी इलाकों में अवैध कारोबार: भोपाल की सड़कों पर उतरे रहवासी, बोले- भू-माफियाओं को बचाना बंद करे नगर निगम
Sun, 02 Aug 2026 01:43 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:43 PM IST
सार
रिहायशी इलाकों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर भोपाल में विरोध तेज हो गया है। गौतम नगर, रचना नगर और शांतिनिकेतन समेत कई क्षेत्रों के रहवासियों ने पैदल मार्च निकालकर निगम पर चुनिंदा कार्रवाई और भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
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रहवासियों का पैदल मार्च
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रिहायशी इलाकों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई अब विवाद का रूप लेती जा रही है। शनिवार को हुई कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के बीच रविवार को गौतम नगर, रचना नगर, शांतिनिकेतन समेत कई कॉलोनियों के रहवासी सड़कों पर उतर आए। संयुक्त रहवासी संघ के नेतृत्व में निकाले गए पैदल मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम पर चुनिंदा कार्रवाई करने और प्रभावशाली लोगों व भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगाए।
दिखावे की कार्रवाई से लोगों में आक्रोश
संयुक्त रहवासी संघ के सदस्य विवेक त्रिपाठी ने कहा कि शनिवार को नगर निगम ने अवैध दुकानों के खिलाफ जो कार्रवाई की, वह केवल औपचारिकता थी। इससे शहर के नागरिकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन कराना है तो पूरे शहर में एक समान कार्रवाई होनी चाहिए, न कि कुछ क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए।
भू-माफियाओं को संरक्षण देना बंद करे निगम
विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि नगर निगम भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अवैध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने से बच रहा है। उन्होंने कहा कि निगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और सभी अवैध दुकानों व व्यावसायिक गतिविधियों पर बिना किसी भेदभाव के तालाबंदी करनी चाहिए।
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यह भी पढ़ें-बाघों की बढ़ती संख्या के साथ बढ़ रहा संघर्ष? MP में 6 माह में वन्यजीव ने ली 43 जान, टाइगर सबसे बड़ा 'किलर'
नगर निगम के घेराव की चेतावनी
रहवासी संघ ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने पूरे शहर में समान रूप से कार्रवाई नहीं की तो नगर निगम मुख्यालय के बाहर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरभर के रहवासी इस आंदोलन में शामिल होंगे और निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा। विवेक त्रिपाठी ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई और कथित भेदभाव से जुड़े सभी तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। उनका कहना है कि वर्ष 2021 से इस मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है और अब समान कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए कानूनी लड़ाई भी जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में मानसून की नई चाल, 4 अगस्त से भारी बारिश की वापसी, कई जिलों के लिए चेतावनी
कल की कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
शनिवार को नगर निगम ने रोहित नगर और बावड़ियाकलां में सीलिंग अभियान चलाया था। करीब तीन घंटे की कार्रवाई में केवल दो प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि अरेरा कॉलोनी में कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े प्रतिष्ठानों को छोड़ दिया गया। हालांकि नगर निगम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से अभियान जारी रहेगा।
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दिखावे की कार्रवाई से लोगों में आक्रोश
संयुक्त रहवासी संघ के सदस्य विवेक त्रिपाठी ने कहा कि शनिवार को नगर निगम ने अवैध दुकानों के खिलाफ जो कार्रवाई की, वह केवल औपचारिकता थी। इससे शहर के नागरिकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन कराना है तो पूरे शहर में एक समान कार्रवाई होनी चाहिए, न कि कुछ क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए।
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भू-माफियाओं को संरक्षण देना बंद करे निगम
विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि नगर निगम भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अवैध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने से बच रहा है। उन्होंने कहा कि निगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और सभी अवैध दुकानों व व्यावसायिक गतिविधियों पर बिना किसी भेदभाव के तालाबंदी करनी चाहिए।
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नगर निगम के घेराव की चेतावनी
रहवासी संघ ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने पूरे शहर में समान रूप से कार्रवाई नहीं की तो नगर निगम मुख्यालय के बाहर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरभर के रहवासी इस आंदोलन में शामिल होंगे और निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा। विवेक त्रिपाठी ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई और कथित भेदभाव से जुड़े सभी तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। उनका कहना है कि वर्ष 2021 से इस मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है और अब समान कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए कानूनी लड़ाई भी जारी रहेगी।
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कल की कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
शनिवार को नगर निगम ने रोहित नगर और बावड़ियाकलां में सीलिंग अभियान चलाया था। करीब तीन घंटे की कार्रवाई में केवल दो प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि अरेरा कॉलोनी में कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े प्रतिष्ठानों को छोड़ दिया गया। हालांकि नगर निगम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से अभियान जारी रहेगा।
