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कलियासोत वेटलैंड बना स्टंट जोन: पर्यावरण को खतरा, NGT के आदेश का हवाला देकर रोक की मांग,पुलिस आयुक्त से शिकायत
Mon, 20 Jul 2026 06:29 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 20 Jul 2026 06:29 PM IST
सार
कलियासोत जलाशय में कथित ऑफ-रोड कार रैली, मड ड्राइविंग और वाटर बॉडी स्टंट को लेकर पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने पुलिस आयुक्त को शिकायत सौंपी है। शिकायत में एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए इन गतिविधियों पर तत्काल रोक की मांग की गई है।
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कलियासोत वेटलैंड क्षेत्र में मड ड्राइविंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के कलियासोत जलाशय और उसके आसपास के संवेदनशील वेटलैंड क्षेत्र में कथित तौर पर हर सप्ताहांत आयोजित होने वाली ऑफ-रोड कार रैली, मड ड्राइविंग और वाटर बॉडी स्टंट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने पुलिस आयुक्त को विस्तृत शिकायत भेजकर इन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने और आयोजनकर्ताओं व नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों को एकत्र कर कलियासोत जलाशय, उसके फुल टैंक लेवल (एफटीएल), कैचमेंट और वेटलैंड क्षेत्र में ऑफ-रोड ड्राइविंग, मड ड्राइविंग और खतरनाक वाहन स्टंट कराए जाते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्टंट से जान का खतरा, पर्यावरण को भी नुकसान
शिकायत के अनुसार कई बार वाहन जलाशय के भीतर तक ले जाकर पानी में स्टंट किए जाते हैं। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होकर पलट सकते हैं या पानी में गिर सकते हैं, जिससे चालक और वहां मौजूद लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। वहीं स्टंट देखने और वीडियो बनाने के लिए जुटने वाली भीड़ भी हादसे की चपेट में आ सकती है। राशिद नूर खान का कहना है कि इन गतिविधियों से जलाशय का पानी प्रदूषित होने, जैव विविधता प्रभावित होने और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचने का भी खतरा है। वर्षा ऋतु में यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से और अधिक संवेदनशील हो जाता है।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून सुस्त, 39 जिलों में बारिश का संकट; महीने के आखिर में मेघों से राहत की उम्मीद
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एनजीटी के आदेश का दिया हवाला
शिकायत में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 22 अक्टूबर 2019 के आदेश और उसके बाद मध्य प्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रिपोर्ट में वेटलैंड क्षेत्रों में कार रैली जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं देने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ऐसे आयोजन होने की शिकायतें मिल रही हैं।
यह भी पढ़ें-भोपाल में 27% ओबीसी आरक्षण को लेकर विधानसभा घेराव, रंगमहल चौराहे पर पुलिस ने रोका, वाटर कैनन चलाई
12 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
पुलिस आयुक्त को भेजे गए आवेदन में सप्ताहांत पर विशेष पुलिस गश्त, कलियासोत क्षेत्र में अवैध कार रैली और ऑफ-रोड ड्राइविंग पर रोक, खतरनाक ड्राइविंग करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई, सोशल मीडिया पर ऐसे आयोजनों का प्रचार करने वालों की पहचान, वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई, बिना वैध दस्तावेज और नियम विरुद्ध संशोधित (मॉडिफाइड) वाहनों की जांच, तथा वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के साथ संयुक्त निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनसुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जनहित में उठाया गया मामला है। पुलिस से विशेष रूप से आगामी शनिवार और रविवार को कलियासोत क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और निवारक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
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स्टंट से जान का खतरा, पर्यावरण को भी नुकसान
शिकायत के अनुसार कई बार वाहन जलाशय के भीतर तक ले जाकर पानी में स्टंट किए जाते हैं। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होकर पलट सकते हैं या पानी में गिर सकते हैं, जिससे चालक और वहां मौजूद लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। वहीं स्टंट देखने और वीडियो बनाने के लिए जुटने वाली भीड़ भी हादसे की चपेट में आ सकती है। राशिद नूर खान का कहना है कि इन गतिविधियों से जलाशय का पानी प्रदूषित होने, जैव विविधता प्रभावित होने और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचने का भी खतरा है। वर्षा ऋतु में यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से और अधिक संवेदनशील हो जाता है।
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एनजीटी के आदेश का दिया हवाला
शिकायत में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 22 अक्टूबर 2019 के आदेश और उसके बाद मध्य प्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रिपोर्ट में वेटलैंड क्षेत्रों में कार रैली जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं देने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ऐसे आयोजन होने की शिकायतें मिल रही हैं।
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12 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
पुलिस आयुक्त को भेजे गए आवेदन में सप्ताहांत पर विशेष पुलिस गश्त, कलियासोत क्षेत्र में अवैध कार रैली और ऑफ-रोड ड्राइविंग पर रोक, खतरनाक ड्राइविंग करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई, सोशल मीडिया पर ऐसे आयोजनों का प्रचार करने वालों की पहचान, वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई, बिना वैध दस्तावेज और नियम विरुद्ध संशोधित (मॉडिफाइड) वाहनों की जांच, तथा वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के साथ संयुक्त निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनसुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जनहित में उठाया गया मामला है। पुलिस से विशेष रूप से आगामी शनिवार और रविवार को कलियासोत क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और निवारक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
