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MP Weather Today: 17 जिलों में भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी, पांच संभागों में हो सकता है वज्रपात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 07 Aug 2022 05:06 PM IST
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सार
चंबल संभाग के जिलों में तथा शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीहोर, नर्मदापुरम, खरगोन, शाजापुर, आगर, अनूपपुर, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सागर, दमोह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
एमपी मौसम आज: मध्य प्रदेश में वर्षा का दौर रुक-रुककर जारी है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में वर्षा का दौर रुक-रुककर जारी है। पिछले 24 घंटे में ग्वालियर में 54.6 मिमी तो नौगांव में 44.4 मिमी बारिश हुई है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट बता रही है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के जबलपुर संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, शहडोल, रीवा, सागर, नर्मदापुरम एवं भोपाल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, उज्जैन, ग्वालियर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा इंदौर एवं चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। बैराड़ में 9, करेली, मोहखेड़, तेंदूखेड़ा में 6, बीजाजांडी, सींगोड़ी, ग्वालियर, बमोरी में 5 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान के मुताबिक ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, उज्जैन, इंदौर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने यलो अलर्ट भी जारी किया है, जो बता रहा है कि चंबल संभाग के जिलों में तथा शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीहोर, नर्मदापुरम, खरगोन, शाजापुर, आगर, अनूपपुर, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सागर, दमोह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं जबलपुर, सागर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने का अंदेशा है। नौ और दस अगस्त को वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है।
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि मध्य प्रदेश के मौसम पर छह वेदर सिस्टम प्रभाव डाल रहे हैं। मानसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, गुना, जबलपुर, पेंड्रा रोड, झारसुगड़ा से होते हुए कम दबाव के क्षेत्र तक बना हुआ है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। अरब सागर में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। मध्य राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त मध्य पाकिस्तान एवं उसके आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इस कारण प्रदेश के कई इलाकों में रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है।
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मौसम केंद्र की रिपोर्ट बता रही है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के जबलपुर संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, शहडोल, रीवा, सागर, नर्मदापुरम एवं भोपाल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, उज्जैन, ग्वालियर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा इंदौर एवं चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। बैराड़ में 9, करेली, मोहखेड़, तेंदूखेड़ा में 6, बीजाजांडी, सींगोड़ी, ग्वालियर, बमोरी में 5 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
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अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान के मुताबिक ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, उज्जैन, इंदौर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने यलो अलर्ट भी जारी किया है, जो बता रहा है कि चंबल संभाग के जिलों में तथा शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीहोर, नर्मदापुरम, खरगोन, शाजापुर, आगर, अनूपपुर, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सागर, दमोह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं जबलपुर, सागर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने का अंदेशा है। नौ और दस अगस्त को वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है।
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि मध्य प्रदेश के मौसम पर छह वेदर सिस्टम प्रभाव डाल रहे हैं। मानसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, गुना, जबलपुर, पेंड्रा रोड, झारसुगड़ा से होते हुए कम दबाव के क्षेत्र तक बना हुआ है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। अरब सागर में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। मध्य राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त मध्य पाकिस्तान एवं उसके आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इस कारण प्रदेश के कई इलाकों में रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है।

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