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MP News: भोपाल में फर्जी रजिस्ट्रियों से 5.50 एकड़ जमीन हड़पी, EOW ने अध्यक्ष समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 14 Jan 2026 09:27 PM IST
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सार

ईओडब्ल्यू ने भोपाल के ग्राम खुदागंज में करोड़ों की जमीन से जुड़े बड़े भूमि घोटाले का खुलासा किया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने के मामले में संस्था के अध्यक्ष नवाब खान सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई है।

MP News: 5.50 acres of land seized in Bhopal through fake registrations; EOW registers case against chairman a
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विस्तार
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आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने भोपाल के ग्राम खुदागंज में स्थित बहुमूल्य जमीन से जुड़े बड़े भूमि घोटाले का खुलासा किया है। यह मामला पुष्प मयूर गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित, भोपाल से जुड़ा है, जिसमें संस्था के अध्यक्ष नवाब खान और अन्य आरोपियों पर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने का आरोप है। ईओडब्ल्यू को यह शिकायत अमानउल्ला खान ने दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि खसरा नंबर 84 की कुल 5.50 एकड़ भूमि, जो उनके परिवार की संयुक्त संपत्ति थी, उसे फर्जी रजिस्ट्रियों के जरिए अवैध रूप से संस्था के नाम दर्ज करा लिया गया। जांच में सामने आया कि यह भूमि वर्ष 1980-81 से अमानउल्ला खान और उनके परिवारजनों के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी।
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ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया कि खसरा नंबर 84 का कुल रकबा 13.25 एकड़ था। इसमें से 5.70 एकड़ भूमि का वैध विक्रय पहले ही किया जा चुका था, जबकि शेष 7.55 एकड़ भूमि मूल भू-स्वामियों के नाम दर्ज थी। इसके बावजूद 5.50 एकड़ भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पुष्प मयूर गृह निर्माण सहकारी संस्था के नाम दर्ज करा दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 1985 में तीन अलग-अलग फर्जी विक्रय पत्र तैयार किए गए, जिनमें 2-2 एकड़ और 1.50 एकड़ भूमि का क्रय दिखाया गया। जिन भू-स्वामियों के नाम पर ये रजिस्ट्रियां दिखाई गईं, उन्होंने अपने हस्ताक्षर होने से इंकार किया है। प्रारंभिक जांच में सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर एक ही व्यक्ति के प्रतीत हुए।

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ईओडब्ल्यू ने यह भी पाया कि भूमि आज भी कृषि भूमि के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद बिना नगर एवं ग्राम निवेश (टीएनसीपी) की अनुमति के फर्जी लेआउट प्लान बनाकर इसे आवासीय कॉलोनी दर्शाया गया। इन अवैध लेआउट के आधार पर 29 भूखंड गैर-सदस्यों को बेच दिए गए। संस्था के ऑडिट रिकॉर्ड में इन भूखंडों की बिक्री और भूमि क्रय का कोई उल्लेख नहीं मिला। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सहकारी संस्था को मिलने वाली मुद्रांक शुल्क छूट का दुरुपयोग किया गया और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर ईओडब्ल्यू ने नवाब खान, रामनिवास शर्मा और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में आगे की विस्तृत जांच जारी है।
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