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MP News: भोपाल का गिद्ध पाकिस्तान पहुंचा, ट्रांसमीटर हटाया गया; दूसरा वल्चर भी सीमा के पास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 12 Apr 2026 08:31 PM IST
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सार
भोपाल से छोड़ा गया एक गिद्ध उड़ते-उड़ते पाकिस्तान पहुंच गया, जहां उसे घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया। उसे वल्चर ब्रीडिंग सेंटर में इलाज किया जा रहा है। वहीं, उसको दोबारा छोड़ने के लिए पाकिस्तान से बात कर प्रयास किए जा रहे हैं।
गिद्ध (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भोपाल से छोड़ा गया एक गिद्ध हजारों किलोमीटर की यात्रा करते हुए पाकिस्तान पहुंच गया। इसका खुलासा तब हुआ जब उसमें लगे जीपीएस ट्रैकर का सिग्नल अचानक बंद हो गया। इसके बाद संबंधित एजेंसियां तुरंत सक्रिय हुईं और पूरे मामले की जानकारी जुटाई गई। जानकारी के मुताबिक, इस गिद्ध को 30 मार्च को भोपाल के पास हलाली डैम क्षेत्र से छोड़ा गया था। उड़ान के बाद यह राजस्थान होते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले तक पहुंच गया।
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6 अप्रैल तक इसकी लोकेशन मिलती रही, लेकिन 7 अप्रैल को सिग्नल बंद हो गया। इसके बाद डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया को सूचना दी गई। संस्था ने अपने सहयोगी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ पाकिस्तान से संपर्क किया, जिसके बाद पाकिस्तान के वन विभाग ने खोज अभियान चलाया। खानेवाल क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद से गिद्ध को सुरक्षित बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण यह घायल हो गया था और उड़ने में असमर्थ हो गया था। इसी दौरान एक अन्य गिद्ध भी प्रभावित मिला। दोनों गिद्धों को रेस्क्यू कर चंगा मंगा वल्चर ब्रीडिंग सेंटर में इलाज के लिए भेजा गया है। फिलहाल घायल गिद्ध की हालत में सुधार है और वह सामान्य रूप से भोजन कर रहा है।
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वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने बताया कि यह सिनेरियस वल्चर है और उसका ट्रांसमीटर हटा दिया गया है। अब डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया पाकिस्तान से संपर्क किया गया है। प्रयास किए जा रहे हैं कि दोबारा ट्रांसमीटर लगाकर गिद्ध को सुरक्षित छोड़ा जाए, ताकि वह अपने प्राकृतिक प्रवास मार्ग पर आगे बढ़ सके। वह सेंट्रल एशिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य सिनेरियस वल्चर भी पाकिस्तान सीमा के पास पहुंच चुका है, जिस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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6 अप्रैल तक इसकी लोकेशन मिलती रही, लेकिन 7 अप्रैल को सिग्नल बंद हो गया। इसके बाद डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया को सूचना दी गई। संस्था ने अपने सहयोगी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ पाकिस्तान से संपर्क किया, जिसके बाद पाकिस्तान के वन विभाग ने खोज अभियान चलाया। खानेवाल क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद से गिद्ध को सुरक्षित बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण यह घायल हो गया था और उड़ने में असमर्थ हो गया था। इसी दौरान एक अन्य गिद्ध भी प्रभावित मिला। दोनों गिद्धों को रेस्क्यू कर चंगा मंगा वल्चर ब्रीडिंग सेंटर में इलाज के लिए भेजा गया है। फिलहाल घायल गिद्ध की हालत में सुधार है और वह सामान्य रूप से भोजन कर रहा है।
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वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने बताया कि यह सिनेरियस वल्चर है और उसका ट्रांसमीटर हटा दिया गया है। अब डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया पाकिस्तान से संपर्क किया गया है। प्रयास किए जा रहे हैं कि दोबारा ट्रांसमीटर लगाकर गिद्ध को सुरक्षित छोड़ा जाए, ताकि वह अपने प्राकृतिक प्रवास मार्ग पर आगे बढ़ सके। वह सेंट्रल एशिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य सिनेरियस वल्चर भी पाकिस्तान सीमा के पास पहुंच चुका है, जिस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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