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Bhopal News: सख्त निगरानी के बीच NDA परीक्षा,भोपाल में कई अभ्यर्थियों को नहीं मिली एंट्री,व्यवस्था पर उठे सवाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:32 PM IST
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सार
भोपाल में एनडीए परीक्षा के दौरान सख्त एंट्री नियम और तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का मौका नहीं मिला। समय सीमा और सर्वर समस्या के चलते व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रविवार को आयोजित एनडीए, एनए और सीडीएस परीक्षा इस बार सख्त नियमों और नई तकनीक के बीच हुई, लेकिन भोपाल में व्यवस्था के चलते कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए। अरेरा कॉलोनी स्थित एक परीक्षा केंद्र पर कई अभ्यर्थियों को एंट्री नहीं दी गई, जिससे परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
परीक्षा में सख्ती का असर
इस बार परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, मेटल डिटेक्टर जांच और तय समय से 30 मिनट पहले गेट बंद करने जैसे नियम लागू किए गए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि समय के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
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अभ्यर्थियों को नहीं देने दी परीक्षा
भोपाल के एक केंद्र पर कुछ अभ्यर्थी निर्धारित समय के आसपास पहुंचे, लेकिन गेट पहले ही बंद कर दिया गया। कई अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, जिससे वे परीक्षा नहीं दे सके।
तकनीकी दिक्कत भी बनी कारण
केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम सर्वर डाउन होने के कारण काम नहीं कर सका। इससे पहचान प्रक्रिया प्रभावित हुई और स्थिति और जटिल हो गई। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में बड़े स्तर पर परीक्षा कराई जा रही है। तीनों शहरों में 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। भोपाल में 12 केंद्रों पर करीब 5810 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
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प्रशासन का फोकस,निष्पक्ष परीक्षा
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्ती जरूरी है। हालांकि, भोपाल की घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या सख्त नियमों के बीच अभ्यर्थियों को पर्याप्त राहत मिलनी चाहिए थी।
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परीक्षा में सख्ती का असर
इस बार परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, मेटल डिटेक्टर जांच और तय समय से 30 मिनट पहले गेट बंद करने जैसे नियम लागू किए गए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि समय के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
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अभ्यर्थियों को नहीं देने दी परीक्षा
भोपाल के एक केंद्र पर कुछ अभ्यर्थी निर्धारित समय के आसपास पहुंचे, लेकिन गेट पहले ही बंद कर दिया गया। कई अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, जिससे वे परीक्षा नहीं दे सके।
तकनीकी दिक्कत भी बनी कारण
केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम सर्वर डाउन होने के कारण काम नहीं कर सका। इससे पहचान प्रक्रिया प्रभावित हुई और स्थिति और जटिल हो गई। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में बड़े स्तर पर परीक्षा कराई जा रही है। तीनों शहरों में 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। भोपाल में 12 केंद्रों पर करीब 5810 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
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प्रशासन का फोकस,निष्पक्ष परीक्षा
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्ती जरूरी है। हालांकि, भोपाल की घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या सख्त नियमों के बीच अभ्यर्थियों को पर्याप्त राहत मिलनी चाहिए थी।

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