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MP News: महिला आरक्षण बिल पर सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘जनता देगी जवाब’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 17 Apr 2026 10:47 PM IST
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सार
महिला आरक्षण बिल पास न होने पर सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति सही नहीं है और जनता इसका जवाब देगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा में महिला सशक्तिकरण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की महिला विरोधी सोच एक बार फिर सामने आ गई है। उन्होंने इस घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतना महत्वपूर्ण विधेयक पास न होना देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को झटका देने जैसा है।
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सीएम यादव ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक बड़ा कदम था, जिससे राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इस बिल का समर्थन नहीं किया, जो कि महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है। यह देश की माताओं और बहनों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
ये भी पढ़ें- भोपाल में सनसनी: महिलाओं को गिराकर पर्स लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला?
बता दें, लोकसभा में हाल ही में महिला सशक्तिकरण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश किया गया था, जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। यह बिल लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, विपक्षी दलों के विरोध के चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका, जिससे देशभर में राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
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कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता आज एक बार फिर उजागर हुई है। संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को पास न होने देना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
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यह देश की माताओं-बहनों के अधिकारों और सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जनता सब देख रही है और इसका… — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 17, 2026
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सीएम यादव ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक बड़ा कदम था, जिससे राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इस बिल का समर्थन नहीं किया, जो कि महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है। यह देश की माताओं और बहनों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
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क्या है पूरा मामला?
बता दें, लोकसभा में हाल ही में महिला सशक्तिकरण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश किया गया था, जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। यह बिल लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, विपक्षी दलों के विरोध के चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका, जिससे देशभर में राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
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