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MP News: ईडी का बड़ा एक्शन, भोपाल के फेथ क्रिकेट क्लब समेत 22.46 करोड़ की संपत्ति अटैच
Wed, 01 Jul 2026 11:39 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:39 AM IST
सार
पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी और टीनू जोशी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। भोपाल स्थित फेथ क्रिकेट क्लब, होटल, रिसॉर्ट और जमीन समेत 22.46 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं।
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ईडी
- फोटो : ईडी
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिवंगत पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी से जुड़े 22.46 करोड़ रुपये मूल्य के परिसंपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैच) कर दिया है। अटैच की गई संपत्तियों में भोपाल के सेमरी बाज्याफत गांव स्थित फेथ क्रिकेट क्लब, क्रिकेट अकादमी, होटल, रिसॉर्ट और उनसे जुड़ी जमीन शामिल है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की है।
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लोकायुक्त की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच
ईडी की जांच की शुरुआत लोकायुक्त पुलिस, भोपाल द्वारा दर्ज उस एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें तत्कालीन आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी पर 41.87 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों पर लंबे समय से पद का दुरुपयोग कर भ्रष्ट तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगते रहे हैं। ईडी के अनुसार अरविंद जोशी ने अपने साथ-साथ परिजनों और करीबी सहयोगियों के नाम पर भी कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी थीं।
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बेनामी निवेश और फर्जी समझौतों का इस्तेमाल
जांच के दौरान ईडी को ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चला कि कथित अवैध संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व को छिपाने के लिए बेनामी संस्थाओं, फर्जी समझौतों और कई स्तरों वाले वित्तीय लेन-देन का सहारा लिया गया। एजेंसी का दावा है कि फेथ क्रिकेट क्लब का संचालन भी अरविंद जोशी के नियंत्रण में था। क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगाया गया धन कथित तौर पर उनकी अवैध संपत्ति से आया, जिसे उनके सहयोगी राघवेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से निवेश किया गया।
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पहले भी हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति अटैच
ईडी ने बताया कि इसी मामले में इससे पहले भी करीब 13.60 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। साथ ही विशेष पीएमएलए न्यायालय, भोपाल में अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) भी दाखिल की जा चुकी है। ईडी के मुताबिक, मामले में अभी जांच जारी है। एजेंसी कथित अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी अटैच करने की प्रक्रिया में जुटी है।
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लोकायुक्त की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच
ईडी की जांच की शुरुआत लोकायुक्त पुलिस, भोपाल द्वारा दर्ज उस एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें तत्कालीन आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी पर 41.87 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों पर लंबे समय से पद का दुरुपयोग कर भ्रष्ट तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगते रहे हैं। ईडी के अनुसार अरविंद जोशी ने अपने साथ-साथ परिजनों और करीबी सहयोगियों के नाम पर भी कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी थीं।
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बेनामी निवेश और फर्जी समझौतों का इस्तेमाल
जांच के दौरान ईडी को ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चला कि कथित अवैध संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व को छिपाने के लिए बेनामी संस्थाओं, फर्जी समझौतों और कई स्तरों वाले वित्तीय लेन-देन का सहारा लिया गया। एजेंसी का दावा है कि फेथ क्रिकेट क्लब का संचालन भी अरविंद जोशी के नियंत्रण में था। क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगाया गया धन कथित तौर पर उनकी अवैध संपत्ति से आया, जिसे उनके सहयोगी राघवेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से निवेश किया गया।
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पहले भी हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति अटैच
ईडी ने बताया कि इसी मामले में इससे पहले भी करीब 13.60 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। साथ ही विशेष पीएमएलए न्यायालय, भोपाल में अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) भी दाखिल की जा चुकी है। ईडी के मुताबिक, मामले में अभी जांच जारी है। एजेंसी कथित अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी अटैच करने की प्रक्रिया में जुटी है।
