भोपाल में सनसनी: सिर धड़ से अलग, प्राइवेट पार्ट गायब, हत्या समझकर जांच में जुटी पुलिस; PM रिपोर्ट की कहानी अलग
Bhopal Crime: भोपाल में झाड़ियों में मिले सिर धड़ से अलग शव की जांच में पीएम रिपोर्ट ने हत्या की कहानी बदल दी। गले पर हथियार के बजाय जानवरों के दांतों के निशान मिले। पुलिस मृतक की पहचान और मौत की वजह तलाश रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भेल के गेट नंबर-8 के पास त्रिवेणी गर्ल्स हॉस्टल के सामने झाड़ियों में मिले शव की शुरुआती स्थिति देखकर पुलिस ने हत्या की आशंका जताई थी। सिर धड़ से अलग था और शरीर का गुप्तांग गायब था। शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने इसे अवैध संबंधों से जुड़े विवाद में हत्या मानकर जांच शुरू की थी। हालांकि, एम्स की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की तस्वीर बदल गई है। रिपोर्ट में गले पर हथियार के वार के बजाय जानवरों के दांतों के निशान मिले हैं। शरीर पर धारदार हथियार से चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
इसके बावजूद गोविंदपुरा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर रखा है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है। सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। शव मिलने के सात दिन बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज करीब 40 से 50 गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटा चुकी है। फिंगरप्रिंट के जरिए पहचान की कोशिश की जा रही है और रिकॉर्ड से उनका मिलान कराया जा रहा है।
सिर धड़ से अलग मिलने पर गहराई थी हत्या की आशंका
सोमवार 10 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे पुलिस को भेल के गेट नंबर-8 के पास त्रिवेणी गर्ल्स हॉस्टल के सामने झाड़ियों में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर शव का सिर धड़ से अलग पड़ा था। शव काफी पुराना होने के कारण चेहरे का मांस लगभग पूरी तरह गायब हो चुका था और शरीर पर कीड़े लगे थे। गुप्तांग भी गायब मिला था। शव की स्थिति और शरीर पर दिखाई दे रहे निशानों को देखते हुए पुलिस ने शुरुआत में हत्या की आशंका जताई। सिर अलग मिलने और गुप्तांग गायब होने के कारण अवैध संबंधों से जुड़े विवाद में हत्या की आशंका पर भी जांच शुरू की गई थी। इसी आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पीएम रिपोर्ट में हथियार नहीं, जानवरों के दांतों के निशान
एम्स से मिली शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती आशंका को काफी हद तक बदल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के गले पर जानवरों के दांतों से काटे जाने के निशान मिले हैं। शरीर पर धारदार या किसी अन्य हथियार से चोट पहुंचाने के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। पुलिस का अनुमान है कि मृतक की मौत के बाद शव लंबे समय तक झाड़ियों में पड़ा रहा होगा। इस दौरान जंगली या आवारा जानवरों ने शरीर के नाजुक हिस्सों को नोचकर नुकसान पहुंचाया हो सकता है। सिर और धड़ अलग मिलने तथा गुप्तांग गायब होने की वजह भी जानवरों द्वारा शव को नुकसान पहुंचाना हो सकती है।
8-10 दिन पहले आसपास घूमता दिखा था व्यक्ति
घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों ने पुलिस को बताया कि मृतक करीब 8 से 10 दिन पहले इलाके में घूमता दिखाई देता था। लोगों के मुताबिक उसके गले में ट्यूमर था और वह गंभीर बीमारी से पीड़ित हो सकता था। घटनास्थल के पास करीब डेढ़ फीट तक पानी भी भरा हुआ है। ऐसे में पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं व्यक्ति की मौत बीमारी या पानी में डूबने से तो नहीं हुई। फिलहाल शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पुलिस अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच का इंतजार कर रही है।
हत्या का केस दर्ज, सभी एंगल से जांच
गोविंदपुरा पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम में हथियार से चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन हत्या का प्रकरण पहले से दर्ज है। इसलिए पुलिस हत्या समेत बीमारी, डूबने और मौत के बाद जानवरों द्वारा शव को नुकसान पहुंचाए जाने की सभी संभावनाओं की जांच कर रही है।
बिसरा सुरक्षित रखा गया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर के अनुसार, मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और गुमशुदा लोगों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। मृतक की कमर में काला धागा भी मिला है, जिसे पहचान के संभावित सुराग के तौर पर देखा जा रहा है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि मृतक कौन था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पीएम रिपोर्ट ने हत्या की शुरुआती कहानी पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, लेकिन पुलिस ने अभी किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है।
