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MP News: विस का पांच दिनी सत्र तीन दिन में सिमटा, दनादन विधेयक पारित होने के बाद अनिश्चितकाल तक स्थगित
Wed, 22 Jul 2026 11:04 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:04 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र तीसरे दिन ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। अंतिम दिन दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच अनुपूरक बजट पारित हुआ और सरकार-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
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मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र तीसरे दिन बुधवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। तीन दिन तक चले सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर सियासी माहौल गर्म रहा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। विपक्ष ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की। प्रस्ताव नामंजूर होने पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
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अनुपूरक बजट पारित
दूसरे दिन आठ और तीसरे दिन छह विधेयकों के पारित होने के बाद वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 7,765.06 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट चर्चा के लिए प्रस्तुत किया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बाद सदन ने अनुपूरक बजट पारित कर दिया। बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज और विकास कार्यों में सुस्ती के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायकों को विकास निधि तक पूरी नहीं मिल रही है, जबकि सरकार बार-बार अनुपूरक बजट लेकर आ रही है। उन्होंने नर्मदा घाटी परियोजनाओं, किसानों के लिए कम बजट, बढ़ते कर्ज, परिवहन टोल में कथित भ्रष्टाचार, युवाओं के लिए कम बजटीय प्रावधान और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा।
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सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, मूंग और गेहूं खरीदी में अव्यवस्था है, हजारों स्कूल बंद किए जा रहे हैं और जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अतिथि शिक्षकों की स्थिति, ओबीसी आरक्षण और छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। साथ ही सवाल किया कि पांच दिन के लिए बुलाए गए सत्र को तीन दिन में समाप्त करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
ये भी पढ़ें- MP News: मध्य प्रदेश को मिले नए मुख्य सचिव, 1991 बैच के IAS अशोक बर्णवाल संभालेंगे प्रशासनिक कमान
छोटे सत्र को लेकर सीएम ने हनुमानजी की छलांग का जिक्र किया
जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सत्र छोटा होने का अर्थ यह नहीं कि काम कम हुआ है। उन्होंने हनुमानजी की लंबी छलांग का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में भी बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं खरीदी हुई है, वर्षों से लंबित नदी परियोजनाओं को गति मिली है और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत है। कार्यवाही के दौरान नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की सूचना भी दी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
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अनुपूरक बजट पारित
दूसरे दिन आठ और तीसरे दिन छह विधेयकों के पारित होने के बाद वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 7,765.06 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट चर्चा के लिए प्रस्तुत किया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बाद सदन ने अनुपूरक बजट पारित कर दिया। बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज और विकास कार्यों में सुस्ती के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायकों को विकास निधि तक पूरी नहीं मिल रही है, जबकि सरकार बार-बार अनुपूरक बजट लेकर आ रही है। उन्होंने नर्मदा घाटी परियोजनाओं, किसानों के लिए कम बजट, बढ़ते कर्ज, परिवहन टोल में कथित भ्रष्टाचार, युवाओं के लिए कम बजटीय प्रावधान और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा।
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सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, मूंग और गेहूं खरीदी में अव्यवस्था है, हजारों स्कूल बंद किए जा रहे हैं और जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अतिथि शिक्षकों की स्थिति, ओबीसी आरक्षण और छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। साथ ही सवाल किया कि पांच दिन के लिए बुलाए गए सत्र को तीन दिन में समाप्त करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
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छोटे सत्र को लेकर सीएम ने हनुमानजी की छलांग का जिक्र किया
जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सत्र छोटा होने का अर्थ यह नहीं कि काम कम हुआ है। उन्होंने हनुमानजी की लंबी छलांग का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में भी बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं खरीदी हुई है, वर्षों से लंबित नदी परियोजनाओं को गति मिली है और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत है। कार्यवाही के दौरान नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की सूचना भी दी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
