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MP News: छह महीने में 8.25 लाख बेरोजगार कैसे कम हो गए? प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सरकार से मांगा जवाब
Mon, 20 Jul 2026 07:28 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 20 Jul 2026 07:28 PM IST
सार
मध्यप्रदेश विधानसभा में रोजगार के आंकड़ों को लेकर सरकार घिर गई। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने छह महीने में रोजगार पोर्टल से 8.25 लाख पंजीकृत बेरोजगार कम होने पर सरकार से जवाब मांगा।
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मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में रोजगार का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सरकार से सवाल किया कि दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या करीब 8.25 लाख कैसे कम हो गई, जबकि इस अवधि में निजी क्षेत्र में सीमित संख्या में ही ऑफर लेटर जारी हुए। विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने बताया कि 30 जून 2026 तक प्रदेश के रोजगार पोर्टल पर 17,71,132 युवा जीवित पंजीयन के साथ रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पर कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में सरकार ने स्वयं बताया था कि रोजगार पोर्टल पर 25.96 लाख बेरोजगार पंजीकृत थे। ऐसे में केवल छह महीने के भीतर करीब 8.25 लाख पंजीयन कम होना कई सवाल खड़े करता है। ग्रेवाल ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि इन लाखों युवाओं को रोजगार मिला या उनके नाम किसी अन्य कारण से पोर्टल से हटा दिए गए।
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ऑफर लेटर के बाद सरकार नहीं करती निगरानी
सरकार ने अपने जवाब में बताया कि 30 जून 2017 से जून 2026 तक निजी क्षेत्र में 8,17,744 युवाओं को ऑफर लेटर जारी किए गए हैं। हालांकि सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि ऑफर लेटर जारी होने के बाद यह निगरानी नहीं की जाती कि संबंधित युवाओं ने नौकरी जॉइन की या नहीं। सरकार के पास यह रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है कि कितने युवाओं ने नौकरी शुरू की, कितनों ने नौकरी छोड़ी, कितनों को हटाया गया और कितने वर्तमान में कार्यरत हैं।
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सरकारी नौकरियों का समेकित रिकॉर्ड भी नहीं
ग्रेवाल ने कहा कि सरकार ने यह भी माना है कि विभिन्न विभागों में दी गई सरकारी नौकरियों का समेकित आंकड़ा उसके पास उपलब्ध नहीं है। उनके मुताबिक इससे स्पष्ट होता है कि रोजगार व्यवस्था केवल पंजीयन और ऑफर लेटर जारी करने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों में कमी दिखाकर बेरोजगारी कम होने का दावा नहीं किया जा सकता। सरकार को यह बताना चाहिए कि छह महीने में कम हुए 8.25 लाख पंजीकृत बेरोजगार आखिर कहां गए और उन्हें वास्तव में रोजगार मिला या नहीं।
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सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार
शिक्षण अनुसार
शैक्षणिक योग्यता पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवाओं की संख्या
10वीं - 170718
12वीं - 501474
स्नातक- 729708
स्नातकोत्तर - 232905
अन्य - 136327
योग - 1771132
वर्ग अनुसार
वर्ग पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवाओं की संख्या
अनुसूचित जाति - 332046
अनुसूचित जनजाति - 298621
अन्य पिछड़ा वर्ग- 712612
सामान्य- 427853
जेंडर अनुसार
जेंडर पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवाओं की संख्या
महिला- 831661
पुरुष 939471
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ऑफर लेटर के बाद सरकार नहीं करती निगरानी
सरकार ने अपने जवाब में बताया कि 30 जून 2017 से जून 2026 तक निजी क्षेत्र में 8,17,744 युवाओं को ऑफर लेटर जारी किए गए हैं। हालांकि सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि ऑफर लेटर जारी होने के बाद यह निगरानी नहीं की जाती कि संबंधित युवाओं ने नौकरी जॉइन की या नहीं। सरकार के पास यह रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है कि कितने युवाओं ने नौकरी शुरू की, कितनों ने नौकरी छोड़ी, कितनों को हटाया गया और कितने वर्तमान में कार्यरत हैं।
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सरकारी नौकरियों का समेकित रिकॉर्ड भी नहीं
ग्रेवाल ने कहा कि सरकार ने यह भी माना है कि विभिन्न विभागों में दी गई सरकारी नौकरियों का समेकित आंकड़ा उसके पास उपलब्ध नहीं है। उनके मुताबिक इससे स्पष्ट होता है कि रोजगार व्यवस्था केवल पंजीयन और ऑफर लेटर जारी करने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों में कमी दिखाकर बेरोजगारी कम होने का दावा नहीं किया जा सकता। सरकार को यह बताना चाहिए कि छह महीने में कम हुए 8.25 लाख पंजीकृत बेरोजगार आखिर कहां गए और उन्हें वास्तव में रोजगार मिला या नहीं।
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सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार
शिक्षण अनुसार
शैक्षणिक योग्यता पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवाओं की संख्या
10वीं - 170718
12वीं - 501474
स्नातक- 729708
स्नातकोत्तर - 232905
अन्य - 136327
योग - 1771132
वर्ग अनुसार
वर्ग पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवाओं की संख्या
अनुसूचित जाति - 332046
अनुसूचित जनजाति - 298621
अन्य पिछड़ा वर्ग- 712612
सामान्य- 427853
जेंडर अनुसार
जेंडर पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवाओं की संख्या
महिला- 831661
पुरुष 939471
