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MP News: मार्च में ही तपने लगा MP, बच्चों की सेहत पर खतरा,अप्रैल से स्कूल सत्र शुरू करने पर रोक लगाने की मांग

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 14 Mar 2026 05:04 PM IST
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सार

प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए कांग्रेस ने सरकार से अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूल सत्र को स्थगित करने की मांग की है। उनका कहना है कि कई निजी स्कूल फीस के लालच में जल्दी सत्र शुरू कर बच्चों को गर्मी में स्कूल बुला रहे हैं, जबकि कई स्कूलों में ठंडे पानी और वेंटिलेशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।

MP News: Madhya Pradesh Heats Up as Early as March; Threat to Children's Health—Demand Raised to Ban Commencem
स्कूली बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रदेश में मार्च की शुरुआत से ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है और आने वाले महीनों में लू का असर और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूल सत्र को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि भीषण गर्मी के बीच छोटे बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उनका कहना है कि मार्च से ही तापमान में असामान्य वृद्धि दर्ज की जा रही है और अप्रैल-मई में लू और गर्म हवाओं का असर और बढ़ सकता है।
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फीस के लालच में जल्दी सत्र शुरू करने का आरोप
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई निजी स्कूल फीस के लालच में नया सत्र समय से पहले शुरू कर देते हैं। मार्च, अप्रैल और जून में ही छोटी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाता है, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों और अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया।
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कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी और निजी स्कूलों में ठंडा पीने का पानी, पर्याप्त पंखे, कूलर और वेंटिलेशन जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और अधिक चिंताजनक है। तेज गर्मी के दौरान डिहाइड्रेशन, लू लगने, चक्कर आने और बेहोशी जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया से ज्यादा महत्वपूर्ण है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए समय रहते फैसला लेना चाहिए ताकि भीषण गर्मी में बच्चों के साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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सरकार से ये कदम उठाने की मांग
- भीषण गर्मी को देखते हुए अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र को फिलहाल टाला जाए।
- यदि सत्र शुरू करना जरूरी हो तो स्कूलों का समय सुबह किया जाए।
- सभी स्कूलों में ठंडे पानी, प्राथमिक उपचार और गर्मी से बचाव की व्यवस्था अनिवार्य की जाए।
- जिला प्रशासन स्कूलों की निगरानी सुनिश्चित करे।
- निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से जल्दी सत्र शुरू करने पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
 
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