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MP News: प्रदेश के स्कूलों के अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, इस साल 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त

Fri, 24 Jul 2026 09:32 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 24 Jul 2026 09:32 PM IST
सार

री-जॉइनिंग में 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से परेशान हजारों अतिथि शिक्षकों को मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब वास्तविक कारणों से उपस्थिति पूरी नहीं कर पाने वाले शिक्षकों को भी दोबारा मौका मिलेगा।

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MP News: Major relief for guest teachers in MP schools; government relaxes the mandatory 90% e-attendance requ
लोक शिक्षण संचालनालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है। हालांकि, उनसे रि-जॉइनिंग के समय एक वचन-पत्र लिया जाएगा, जिसमें वे भविष्य में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता का पूर्ण रूप से पालन करने की सहमति देंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अतिथि शिक्षकों की समस्याओं और प्राप्त आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है। दरअसल, री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य होने के कारण बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक सेवा से बाहर होने की आशंका जता रहे थे। कई शिक्षकों का कहना था कि तकनीकी दिक्कतों, नेटवर्क की समस्या, पोर्टल की खामियों और अन्य परिस्थितियों के कारण उनकी ई-अटेंडेंस पूरी नहीं हो सकी, जबकि उन्होंने नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाया था। इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में विरोध भी हुआ था और सरकार से नियम में राहत देने की मांग की जा रही थी।  
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पहले तीन सदस्यीय समिति को लेना था निर्णय 
विवाद बढ़ने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने पहले सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए थे कि ऐसे मामलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई जाए। यह समिति 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले अतिथि शिक्षकों के आवेदन और दस्तावेजों की जांच कर निर्णय लेने वाली थी। शिक्षकों को ईमेल के माध्यम से आवेदन देने की व्यवस्था भी की गई थी।

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वास्तविक कारणों से अनुपस्थित शिक्षकों को मिलेगी राहत
अब स्कूल शिक्षा विभाग ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को इस शैक्षणिक वर्ष के लिए खत्म कर दिया है। इससे उन अतिथि शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो वास्तविक कारणों से निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं कर सके थे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार शिक्षकों के सम्मान, विद्यार्थियों के हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय अतिथि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
 
 
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