MP News: प्रदेश के स्कूलों के अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, इस साल 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त
री-जॉइनिंग में 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से परेशान हजारों अतिथि शिक्षकों को मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब वास्तविक कारणों से उपस्थिति पूरी नहीं कर पाने वाले शिक्षकों को भी दोबारा मौका मिलेगा।
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"अतिथि शिक्षकों के हित में संवेदनशील निर्णय"
प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की समस्याओं एवं प्राप्त आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए री-जॉइनिंग में 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता प्रदान करने का निर्णय लिया है।विज्ञापन
माननीय…— Uday Pratap Singh (@udaypratapmp) July 24, 2026
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पहले तीन सदस्यीय समिति को लेना था निर्णय
विवाद बढ़ने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने पहले सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए थे कि ऐसे मामलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई जाए। यह समिति 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले अतिथि शिक्षकों के आवेदन और दस्तावेजों की जांच कर निर्णय लेने वाली थी। शिक्षकों को ईमेल के माध्यम से आवेदन देने की व्यवस्था भी की गई थी।
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वास्तविक कारणों से अनुपस्थित शिक्षकों को मिलेगी राहत
अब स्कूल शिक्षा विभाग ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को इस शैक्षणिक वर्ष के लिए खत्म कर दिया है। इससे उन अतिथि शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो वास्तविक कारणों से निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं कर सके थे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार शिक्षकों के सम्मान, विद्यार्थियों के हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय अतिथि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
