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MP News: खरगे ने PM की कार्यशैली पर उठाए सवाल, भाजपा बोली- अपने ही कार्यकर्ताओं से सुनने की करनी पड़ रही अपील
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 24 Feb 2026 06:18 PM IST
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सार
भोपाल की किसान महाचौपाल में मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें तानाशाही रवैया अपनाने वाला बताया। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर अमेरिकी दबाव में काम करने का आरोप लगाया। वहीं, उनके बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से भाषण सुनने की अपील करनी पड़ रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित किसान महाचौपाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। वहीं, उनके बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से भाषण सुनने की अपील करनी पड़ रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें हिटलर जैसा तानाशाही रवैया अपनाने वाला प्रधानमंत्री बताया। खरगे ने कहा कि वे 54 वर्षों से विधायक, सांसद रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा प्रधानमंत्री कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है।
भाजपा का पलटवार
खरगे के बयान पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने ट्वीट कर कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मंच से कहना पड़ रहा है अगर आप सुनेंगे तो मैं बोलूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब किसी दल में राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से सुनने की अपील करनी पड़े, तो यह संगठन की स्थिति को दर्शाता है। भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन पर भी सवाल उठाए।
मोदीजी कांग्रेस राज में पैदा हुए, अपना नाम बदल लें
खरगे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का काम सिर्फ नाम बदलना रह है। योजनाओं, सड़कों और संस्थानों के नाम बदले जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदीजी खुद कांग्रेस शासनकाल में पैदा हुए, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।
व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस एग्रीमेंट से किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भारत को व्यापार में लाभ होता था, लेकिन अब सरकार की नीतियों से किसानों के हितों से समझौता किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि छोटे-छोटे देश भी अपने किसानों के लिए मजबूती से खड़े हैं, लेकिन मोदी सरकार अमेरिका के सामने मजबूती से बात नहीं रख पा रही है।
मोदी ट्रंप के सामने यस सर कहने में लगे हैं
अपने भाषण में खड़गे ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर मुद्दे पर उनकी बात मान लेते हैं। तेल खरीद और व्यापार नीतियों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर झुकने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें-युद्ध का निर्णय सेना नहीं लेती, वह फैसला राजनीतिक होता है'; नरवणे की किताब के सहारे राहुल का PM पर निशाना
ऑपरेशन सिंदूर पर भी उठाए सवाल
खरगे ने कथित ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दावा किया कि ट्रंप ने खुद कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कार्रवाई रुकवाई। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर फैसला लिया और इसे बड़ी गलती बताया। खरगे ने कहा कि मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते हैं और सीधे सवालों का जवाब नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री केवल ‘मन की बात’ करते हैं, लेकिन जनता और मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखते हैं।
यह भी पढ़ें-इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया', राहुल का निशाना
कार्यकर्ताओं को दिया संघर्ष का संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से डरने की बजाय संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखनी होगी। खरगे ने यह भी कहा कि अमेरिका में केवल लगभग 3 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं, जबकि भारत में बड़ी आबादी कृषि पर आधारित है। ऐसे में किसानों के हितों से समझौता देश के लिए घातक साबित हो सकता है। भोपाल की इस किसान महाचौपाल से कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देशभर में राजनीतिक अभियान तेज करेगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और गरमाने के आसार हैं।
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भाजपा का पलटवार
खरगे के बयान पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने ट्वीट कर कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मंच से कहना पड़ रहा है अगर आप सुनेंगे तो मैं बोलूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब किसी दल में राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से सुनने की अपील करनी पड़े, तो यह संगठन की स्थिति को दर्शाता है। भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन पर भी सवाल उठाए।
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मोदीजी कांग्रेस राज में पैदा हुए, अपना नाम बदल लें
खरगे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का काम सिर्फ नाम बदलना रह है। योजनाओं, सड़कों और संस्थानों के नाम बदले जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदीजी खुद कांग्रेस शासनकाल में पैदा हुए, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।
व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस एग्रीमेंट से किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भारत को व्यापार में लाभ होता था, लेकिन अब सरकार की नीतियों से किसानों के हितों से समझौता किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि छोटे-छोटे देश भी अपने किसानों के लिए मजबूती से खड़े हैं, लेकिन मोदी सरकार अमेरिका के सामने मजबूती से बात नहीं रख पा रही है।
मोदी ट्रंप के सामने यस सर कहने में लगे हैं
अपने भाषण में खड़गे ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर मुद्दे पर उनकी बात मान लेते हैं। तेल खरीद और व्यापार नीतियों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर झुकने का आरोप लगाया।
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ऑपरेशन सिंदूर पर भी उठाए सवाल
खरगे ने कथित ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दावा किया कि ट्रंप ने खुद कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कार्रवाई रुकवाई। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर फैसला लिया और इसे बड़ी गलती बताया। खरगे ने कहा कि मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते हैं और सीधे सवालों का जवाब नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री केवल ‘मन की बात’ करते हैं, लेकिन जनता और मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखते हैं।
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कार्यकर्ताओं को दिया संघर्ष का संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से डरने की बजाय संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखनी होगी। खरगे ने यह भी कहा कि अमेरिका में केवल लगभग 3 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं, जबकि भारत में बड़ी आबादी कृषि पर आधारित है। ऐसे में किसानों के हितों से समझौता देश के लिए घातक साबित हो सकता है। भोपाल की इस किसान महाचौपाल से कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देशभर में राजनीतिक अभियान तेज करेगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और गरमाने के आसार हैं।

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