{"_id":"69e46f15c63c23f2d603e745","slug":"mp-news-protest-rally-tomorrow-over-women-s-reservation-one-day-assembly-session-cm-says-the-country-will-n-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: महिला आरक्षण पर कल आक्रोश रैली, विस का एक दिवसीय सत्र होगा;CM बोले-नारी के अपमान को देश नहीं भूलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: महिला आरक्षण पर कल आक्रोश रैली, विस का एक दिवसीय सत्र होगा;CM बोले-नारी के अपमान को देश नहीं भूलेगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:31 AM IST
विज्ञापन
सार
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं होने के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएंगे।
महिला आरक्षण को लेकर सीएम मोहन यादव की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ है और अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाया जाएगा। राज्य के सभी संभागों और जिलों में प्रदर्शन, रैलियां, पदयात्राएं और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर भी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
ये भी पढ़ें- MP Weather Today: एमपी में गर्मी के बीच मौसम की चाल बदली, रतलाम 44 डिग्री, कई जिलों में बारिश के आसार
विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र
रविवार को भोपाल प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस विषय पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे को जनता की अदालत में लेकर जाएगे। जन-जन तक बात को पहुंचाएंगे। सोमवार को आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हम बहनों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे और जिन्होंने गलत किया है, उनका पर्दाफाश करेंगे। आने वाले दिनों में जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र के लिए दुखद और निंदनीय है। यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्ष के रवैये ने प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ का साधन बना लिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति के अपमान को नहीं भूलेगा। डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में जब यह विधेयक आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के समय विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने इसे अवसरवाद करार दिया।
ये भी पढ़ें- MP Weather: मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर, इन जिलों में Heat Wave का अलर्ट जारी, रखें ये सावधानियां
कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ
2023 के बिल को लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ही स्पष्ट किया गया था कि 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए 2029 के चुनावों में जनगणना के आधार की आवश्यकता थी, इसलिए मजबूरी में 2011 की जनगणना को आधार बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जनगणना के आधार पर आकलन किया जाए, तो यह प्रक्रिया 2034 के बाद ही संभव हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ रहा है। सीएम ने कहा कि हमारा एकमात्र राज्य हैं, जहां 17 महिला कलेक्टर हैं। दिव्यांग संभागायुक्त हैं। 10 से ज्यादा जिले ऐस है, जहां एसपी और कलेक्टर महिला है। एक संभाग ऐसा है, जहां संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सभी महिलाएं हैं।
ये भी पढें- MP News: सीएम कल ओरछा-चंदेरी के लिए ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का करेंगे शुभारंभ, भोपाल से हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी
70 साल से अधिकार की लड़ाई
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में विपक्षी दलों ने केवल चुनावी मजबूरी में इस बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध करने लगे।
ये भी पढ़ें- MP News: 22 अप्रैल तक आवेदन, 7 से 25 मई तक परीक्षा, 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा मौका
विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में हुआ घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक मुद्दे पर विपक्ष का रुख उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है और बिल के गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है।
Trending Videos
ये भी पढ़ें- MP Weather Today: एमपी में गर्मी के बीच मौसम की चाल बदली, रतलाम 44 डिग्री, कई जिलों में बारिश के आसार
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र
रविवार को भोपाल प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस विषय पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे को जनता की अदालत में लेकर जाएगे। जन-जन तक बात को पहुंचाएंगे। सोमवार को आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हम बहनों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे और जिन्होंने गलत किया है, उनका पर्दाफाश करेंगे। आने वाले दिनों में जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र के लिए दुखद और निंदनीय है। यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्ष के रवैये ने प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ का साधन बना लिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति के अपमान को नहीं भूलेगा। डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में जब यह विधेयक आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के समय विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने इसे अवसरवाद करार दिया।
ये भी पढ़ें- MP Weather: मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर, इन जिलों में Heat Wave का अलर्ट जारी, रखें ये सावधानियां
कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ
2023 के बिल को लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ही स्पष्ट किया गया था कि 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए 2029 के चुनावों में जनगणना के आधार की आवश्यकता थी, इसलिए मजबूरी में 2011 की जनगणना को आधार बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जनगणना के आधार पर आकलन किया जाए, तो यह प्रक्रिया 2034 के बाद ही संभव हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ रहा है। सीएम ने कहा कि हमारा एकमात्र राज्य हैं, जहां 17 महिला कलेक्टर हैं। दिव्यांग संभागायुक्त हैं। 10 से ज्यादा जिले ऐस है, जहां एसपी और कलेक्टर महिला है। एक संभाग ऐसा है, जहां संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सभी महिलाएं हैं।
ये भी पढें- MP News: सीएम कल ओरछा-चंदेरी के लिए ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का करेंगे शुभारंभ, भोपाल से हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी
70 साल से अधिकार की लड़ाई
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में विपक्षी दलों ने केवल चुनावी मजबूरी में इस बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध करने लगे।
ये भी पढ़ें- MP News: 22 अप्रैल तक आवेदन, 7 से 25 मई तक परीक्षा, 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा मौका
विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में हुआ घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक मुद्दे पर विपक्ष का रुख उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है और बिल के गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है।

कमेंट
कमेंट X