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MP News: सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन कॉरिडोर बनेगा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की नई विकास धुरी
Thu, 28 May 2026 07:07 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 28 May 2026 07:07 PM IST
सार
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन कॉरिडोर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देगा। एनएचएआई इस 158 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर रहा है।
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सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन कॉरिडोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर फोरलेन परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआईI) इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर रहा है। करीब 158 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-547 और NH-347 के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना का उद्देश्य महाराष्ट्र के नागपुर और सावनेर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, सिवनी और मध्य भारत के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ना है। वर्तमान में इस मार्ग पर भारी वाहनों और औद्योगिक ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या बनी रहती है। फोरलेन बनने के बाद यातायात अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आर्थिक और औद्योगिक संपर्क मजबूत करने वाली बड़ी पहल माना जा रहा है। सावनेर और नागपुर क्षेत्र कोयला, ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि छिंदवाड़ा क्षेत्र कोयला खदानों, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के कारण तेजी से विकसित हो रहा है।
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फोरलेन बनने से माल परिवहन आसान होगा और उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी। इससे परिवहन लागत कम होगी, समय की बचत होगी और नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। परियोजना से वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। छिंदवाड़ा और नागपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अभी दो-लेन सड़क और भारी ट्रैफिक के कारण यात्रा में अधिक समय लगता है। कई स्थानों पर ओवरटेकिंग की सुविधा सीमित होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। फोरलेन बनने के बाद यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा।
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पर्यटन क्षेत्र को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। पेंच नेशनल पार्क, तामिया, पचमढ़ी, देवगढ़ किला और जाम सांवली हनुमान मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। एनएचएआई के अनुसार डीपीआर तैयार करते समय सड़क सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना में जरूरत के अनुसार फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, जंक्शन सुधार, रोड मार्किंग और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। ब्लैक स्पॉट सुधार और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था पर भी फोकस रहेगा।
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इस परियोजना का उद्देश्य महाराष्ट्र के नागपुर और सावनेर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, सिवनी और मध्य भारत के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ना है। वर्तमान में इस मार्ग पर भारी वाहनों और औद्योगिक ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या बनी रहती है। फोरलेन बनने के बाद यातायात अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आर्थिक और औद्योगिक संपर्क मजबूत करने वाली बड़ी पहल माना जा रहा है। सावनेर और नागपुर क्षेत्र कोयला, ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि छिंदवाड़ा क्षेत्र कोयला खदानों, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के कारण तेजी से विकसित हो रहा है।
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फोरलेन बनने से माल परिवहन आसान होगा और उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी। इससे परिवहन लागत कम होगी, समय की बचत होगी और नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। परियोजना से वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। छिंदवाड़ा और नागपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अभी दो-लेन सड़क और भारी ट्रैफिक के कारण यात्रा में अधिक समय लगता है। कई स्थानों पर ओवरटेकिंग की सुविधा सीमित होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। फोरलेन बनने के बाद यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा।
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पर्यटन क्षेत्र को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। पेंच नेशनल पार्क, तामिया, पचमढ़ी, देवगढ़ किला और जाम सांवली हनुमान मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। एनएचएआई के अनुसार डीपीआर तैयार करते समय सड़क सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना में जरूरत के अनुसार फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, जंक्शन सुधार, रोड मार्किंग और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। ब्लैक स्पॉट सुधार और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था पर भी फोकस रहेगा।
