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MP Weather Today: छिंदवाड़ा में तीन इंच से ज्यादा बारिश, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 28 Jul 2022 04:44 PM IST
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सार
छिंदवाड़ा में 81.4 मिलीमीटर बारिश बीते 24 घंटों में दर्ज की गई। अगले 24 घंटों में प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
एमपी मौसम आज: छिंदवाड़ा में 81.4 मिलीमीटर बारिश हुई है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश का मौसम थोड़ा बदला है। बारिश में कमी आई है साथ ही अधिकतम तापमान बढ़ा है। पूर्वी इलाकों में रात का तापमान उछला है तो पश्चिमी क्षेत्र में दिन का पारा चढ़ा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दतिया में दर्ज किया गया, यहां 34.2 डिग्री तापमान रहा। वहीं खरगोन अब भी प्रदेशभर में सबसे ठंडा बना हुआ है। विभाग की मानें तो अभी चार–पांच दिन तक वर्षा की गतिविधियां कम रहने के आसार हैं। छिंदवाड़ा में 81.4 मिलीमीटर बारिश बीते 24 घंटों में दर्ज की गई। अगले 24 घंटों में प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कह रही कि पिछले 24 घंटों के दौरान शहडोल, रीवा, जबलपुर, इंदौर, चंबल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, नर्मदापुरम, भोपाल, उज्जैन संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा सागर, ग्वालियर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई। मिहोना, मेहगांव में 9, छिंदवाड़ा में 8, गोरमी में 7, बैहर में 6, ग्यारसपुर में 5, अनूपपुर, शाहपुरा, भिंड में 4, बैरसिया, भांडेर, भानपुरी, शुजालपुर, भगवानपुरा, पुष्पराजगढ़, छपारा, बिरसा, मानपुर, मलाजखंड में 3 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बता रहा है कि रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। इंदौर और उज्जैन संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। विभाग की ओर से जारी यलो अलर्ट की मानें तो विदिशा, रायसेन, शिवपुरी, बालाघाट, सागर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। यहां तीन से पांच इंच तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने का भी अंदेशा है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून ट्रफ के उत्तर भारत की तरफ खिसकने के साथ ही वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां कम हो गर्इ हैं। जानकारों के मुताबिक राजस्थान के मध्य में बना ऊपरी हवा का चक्रवात समाप्त हो गया है। इसी तरह आंध्र प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात भी हट चुका है। इसके अतिरिक्त मानसून ट्रफ भी अब राजस्थान से उत्तर प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रहा है। हालांकि वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद रहने के कारण तापमान बढ़ने पर कहीं–कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं। अभी चार–पांच दिन तक वर्षा की गतिविधियां कम रहने के आसार हैं।
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मौसम केंद्र की रिपोर्ट कह रही कि पिछले 24 घंटों के दौरान शहडोल, रीवा, जबलपुर, इंदौर, चंबल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, नर्मदापुरम, भोपाल, उज्जैन संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा सागर, ग्वालियर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई। मिहोना, मेहगांव में 9, छिंदवाड़ा में 8, गोरमी में 7, बैहर में 6, ग्यारसपुर में 5, अनूपपुर, शाहपुरा, भिंड में 4, बैरसिया, भांडेर, भानपुरी, शुजालपुर, भगवानपुरा, पुष्पराजगढ़, छपारा, बिरसा, मानपुर, मलाजखंड में 3 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
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अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बता रहा है कि रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। इंदौर और उज्जैन संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। विभाग की ओर से जारी यलो अलर्ट की मानें तो विदिशा, रायसेन, शिवपुरी, बालाघाट, सागर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। यहां तीन से पांच इंच तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने का भी अंदेशा है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून ट्रफ के उत्तर भारत की तरफ खिसकने के साथ ही वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां कम हो गर्इ हैं। जानकारों के मुताबिक राजस्थान के मध्य में बना ऊपरी हवा का चक्रवात समाप्त हो गया है। इसी तरह आंध्र प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात भी हट चुका है। इसके अतिरिक्त मानसून ट्रफ भी अब राजस्थान से उत्तर प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रहा है। हालांकि वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद रहने के कारण तापमान बढ़ने पर कहीं–कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं। अभी चार–पांच दिन तक वर्षा की गतिविधियां कम रहने के आसार हैं।

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